रामलला की रंग-बिरंगी पोशाकों का महत्व और श्रृंगार
अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की पोशाकें हर दिन बदलती हैं, जो न केवल भक्तों को आकर्षित करती हैं, बल्कि ग्रहों के अनुसार भी चयनित होती हैं। इस लेख में जानें कि रामलला का श्रृंगार क्यों खास है और उनके कपड़ों का महत्व क्या है।
| Jul 29, 2026, 15:10 IST
रामलला का अद्भुत श्रृंगार
अयोध्या स्थित राम मंदिर में रामलला की भव्यता अद्वितीय है। प्रतिदिन रामलला के वस्त्रों का परिवर्तन किया जाता है, और वह हर दिन विभिन्न रंगों की पोशाक पहनते हैं। भक्तों के लिए रामलला की ये पोशाकें विशेष आकर्षण का केंद्र होती हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामलला के कपड़ों के रंगों का चयन ग्रहों के अनुसार किया जाता है। इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि रामलला का श्रृंगार रोज अलग रंग के कपड़ों से क्यों किया जाता है और इसका क्या महत्व है।
रामलला की पोशाकों का विवरण
रामलला के वस्त्र मुख्यतः बंगाल, राजस्थान, उड़ीसा, कश्मीर और आंध्र प्रदेश के सिल्क से बनाए जाते हैं। रामलला सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, बृहस्पति वार को पीला, शुक्रवार को क्रीम, शनिवार को नीला और रविवार को गुलाबी रंग की पोशाक पहनते हैं। हर दिन नई धोती और दो पटका पहनाए जाते हैं, जिसमें एक छोटा और दूसरा बड़ा होता है। पटकों पर गुलाबी रंग की छपाई होती है, जो भारतीय परंपरा का प्रतीक है।
पोशाकों का महत्व
रामलला अयोध्या में अपने बाल रूप में विराजमान हैं, जिससे उन्हें नजर लगने का भय रहता है। इसीलिए, उनकी पोशाक में नवरत्न जड़े जाते हैं, ताकि भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप को किसी की नजर न लगे। इस प्रकार, विशेष प्रकार की पोशाकें पहनाई जाती हैं।
