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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: जानें चंद्रमा निकलने का समय और पूजा विधि

4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। जानें विभिन्न शहरों में चंद्रमा निकलने का समय और पूजा विधि के बारे में। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आपके शहर में चंद्रमा कब निकलेगा और पूजा कैसे करनी है।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व

आज, 4 सितंबर को, देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा। भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि पर इस दिन व्रत रखा जाता है। लोग अपने घरों के मंदिरों को सजाते हैं, भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं और व्रत का पालन करते हैं। विशेष रूप से, रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य देना इस दिन शुभ माना जाता है। व्रत को पूर्ण करने के लिए रात 12 बजे के बाद चंद्रमा को जल अर्पित करना आवश्यक है।


हालांकि, इस दिन चंद्रमा अन्य दिनों की तुलना में काफी देर से निकलता है। विभिन्न शहरों में चांद अलग-अलग समय पर दिखाई देगा। आइए जानते हैं, आपके शहर में चंद्रमा कब निकलेगा।


आपके शहर में चंद्रमा निकलने का समय

शहर                 चांद निकलने का समय


दिल्ली                  रात 11:24 बजे


मथुरा                  रात 11:26 बजे


वृंदावन                  रात 11:29 बजे


लखनऊ        रात 11:14 बजे


मेरठ               रात 11:22 बजे


नोएडा                  रात 11:23 बजे


गाजियाबाद           रात 11:22 बजे


बिजनौर               रात 11:18 बजे


सोनीपत             रात 11:25 बजे


कानपुर                रात 11:17 बजे


मुंबई           रात 11:59 बजे


फरीदाबाद      रात 11:25 बजे


मुजफ्फरनगर रात 11:19 बजे


हिसार              रात 11:29 बजे


सिरसा                रात 11:31 बजे


अमृतसर       रात 11:24 बजे


अंबाला             रात 11:20 बजे


अजमेर             रात 11:41 बजे


उदयपुर             रात 11:50 बजे


गुरुग्राम           रात 11:26 बजे


पटना                   रात 11 बजे


आगरा               रात 11:24 बजे


उज्जैन           रात 11:45 बजे


कोलकाता    रात 10:54 बजे


चंडीगढ़  रात 11:20 बजे


जन्माष्टमी पर चंद्रमा पूजा विधि

पूजा विधि:


- चांद निकलने के बाद चंद्रमा के दर्शन करें और पहले 'सोमाय सोमेश्वराय सोमपतये सोमसम्भवाय सोमाय नमो नमः' मंत्र का जप करें।


- मंत्र जप के बाद चंद्रमा की पूजा करें और शंख में जल, कुश, फल, गंध आदि लेकर चंद्रमा को अर्घ्य दें।


- अर्घ्य देने के बाद 'क्षीरोदार्णवसंभूत अत्रिनेत्रसमुद्भव, गृहाणार्घ्य शशांकेमं रोहिण्या सहितो मम। ज्योत्स्नापते नमस्तुभ्यं नमस्ते ज्योतिषां पते, नमस्ते रोहिणीकान्त अर्घ्य मे प्रतिगृह्यताम्।' मंत्र का जप करें।


- रात में श्रीकृष्ण के नाम का भजन कीर्तन करें। फिर सुबह स्नान के बाद पूजा करके भोजन करें। कुछ लोग श्रीकृष्ण के जन्म के बाद चंद्रमा दर्शन के बाद व्रत का पारण करते हैं।