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सरस्वती आह्वान पूजा: तिथि, मुहूर्त और विधि की जानकारी

सरस्वती आह्वान पूजा, जो हर साल शारदीय नवरात्रि के दौरान मनाई जाती है, इस बार 16 अक्टूबर 2026 को होगी। मां सरस्वती को बुद्धि और ज्ञान की देवी माना जाता है। इस दिन भक्त उनकी कृपा पाने के लिए विशेष पूजा करते हैं। जानें इस दिन की तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में विस्तार से।
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सरस्वती आह्वान पूजा का महत्व

हिंदू धर्म में मां सरस्वती को बुद्धि, ज्ञान, वाणी और कला की देवी माना जाता है। हर वर्ष, छात्र, शिक्षक और कला-संगीत से जुड़े लोग मां सरस्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा करते हैं। शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिनों में, आश्विन मास में सरस्वती आह्वान का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष, 16 अक्टूबर 2026 को सरस्वती आह्वान पूजा का आयोजन किया जाएगा। आइए, इस दिन की तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में विस्तार से जानते हैं।


सरस्वती आह्वान का दिन

शारदीय नवरात्रि के दौरान, पहले दिन मां सरस्वती का आह्वान किया जाता है, जबकि दूसरे दिन उनकी पूजा होती है। इस बार, 16 अक्टूबर 2026 को मां सरस्वती का आह्वान होगा। इस दिन, मूल नक्षत्र में मां सरस्वती का आह्वान दोपहर 03:33 मिनट से शाम 05:50 मिनट तक किया जाएगा।


तिथि और मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, 15 अक्टूबर की रात 01:13 मिनट पर आश्विन माह की पंचमी तिथि प्रारंभ हुई। वहीं, 16 अक्टूबर की सुबह 03:25 मिनट पर इस तिथि का समापन होगा। इस प्रकार, उदयातिथि के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को सरस्वती आह्वान का आयोजन होगा।


पूजन विधि

इस दिन, सुबह जल्दी स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें। फिर, पूजा स्थल की सफाई करें और मां सरस्वती की प्रतिमा को स्थापित करें। मां सरस्वती को अक्षत, पुष्प, फल और चंदन अर्पित करें। इसके बाद, दीपक जलाकर उनकी पूजा करें। छात्र अपनी किताबें, कॉपी और कलम की पूजा करें, जबकि संगीत और कला से जुड़े लोग अपने वाद्य यंत्रों को पूजा में शामिल करें। पूजा के बाद मिठाई, खीर या फल का भोग लगाएं और आरती करें। अंत में, भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें।


पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सरस्वती को ज्ञान और विवेक की देवी माना जाता है। इस दिन, भक्त अज्ञानता को दूर करने और सही मार्ग पर चलने की प्रार्थना करते हैं। लेखन सामग्री, वाद्य यंत्रों, पुस्तकों और शिक्षा से संबंधित वस्तुओं की पूजा की जाती है और उनका सम्मान किया जाता है।