हरियाली तीज पर तुलसी के पास दीपक जलाने के लाभ
भगवान शिव और माता पार्वती का पर्व
पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज का पावन पर्व 15 अगस्त 2026, शनिवार को मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन के लिए व्रत रखती हैं।
तुलसी के पास दीपक जलाने का महत्व
तीज की पूजा में माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ शाम के समय कुछ धार्मिक कार्यों का भी महत्व है। इनमें से एक है तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना। मान्यता है कि शाम को तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है।
तुलसी के पौधे की पवित्रता
सनातन परंपरा में तुलसी को पवित्र माना जाता है और इसे भगवान विष्णु से जोड़ा जाता है। कई घरों में सुबह-शाम तुलसी के पास दीपक जलाने की परंपरा आज भी जीवित है। हरियाली तीज के दिन इस परंपरा का विशेष महत्व है। महिलाएं इस दिन माता पार्वती की पूजा कर अपने परिवार की सुख-शांति की कामना करती हैं।
घी का दीपक क्यों खास है?
धार्मिक पूजा में घी के दीपक का विशेष महत्व है। इसे शुद्ध और सात्विक माना जाता है, इसलिए पूजा और आरती में इसका उपयोग किया जाता है। मान्यता है कि घी का दीपक जलाने से पूजा स्थल का वातावरण सकारात्मक और पवित्र होता है।
दीपक जलाने की विधि
शाम के समय सबसे पहले तुलसी के पौधे के आसपास की जगह को साफ करें। फिर तुलसी के पास दीपक रखने के लिए एक साफ स्थान तैयार करें। मिट्टी या धातु के दीपक में घी डालकर बाती लगाएं और दीपक प्रज्वलित करें। इसके बाद तुलसी माता को प्रणाम करें और श्रद्धा से अपनी मनोकामना कहें।
दीपक जलाने के लाभ
हरियाली तीज की शाम तुलसी के पास घी का दीपक जलाने से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है। यह उपाय परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और तालमेल बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। दीपक की रोशनी नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीक है, इसलिए तीज जैसे पवित्र दिन पर तुलसी के पास दीपक जलाना एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य है।
