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DoppelCart: हैकर्स का सबसे बड़ा फर्जी शॉपिंग जाल, जानें कैसे बचें

DoppelCart नामक एक विशाल फर्जी शॉपिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें 1,19,000 से अधिक नकली वेबसाइटें शामिल हैं। जर्मन साइबर सुरक्षा कंपनी Nebty के अनुसार, हैकर्स ने असली ब्रांड्स की हूबहू नकल की है और भारी छूट का लालच देकर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। जानें कि आप कैसे सुरक्षित रह सकते हैं और ठगी से बचने के उपाय क्या हैं।
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ऑनलाइन खरीदारी में सावधानी बरतें


नई दिल्ली: आजकल, ऑनलाइन खरीदारी करना एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है। कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक्स, और घरेलू सामान सब कुछ बस एक क्लिक में आपके दरवाजे पर पहुंच जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस वेबसाइट से आप खरीदारी कर रहे हैं, वह असली है या किसी हैकर द्वारा बनाई गई नकली दुकान? हाल ही में एक गंभीर खुलासा हुआ है। जर्मन साइबर सुरक्षा कंपनी Nebty ने बताया है कि हैकर्स ने 'DoppelCart' नामक एक विशाल धोखाधड़ी का जाल बिछाया है, जिसमें 1,19,000 से अधिक फर्जी वेबसाइटें शामिल हैं। ये साइट्स इतनी वास्तविक लगती हैं कि समझदार लोग भी आसानी से फंस जाते हैं।


DoppelCart: सबसे बड़ा फर्जी शॉपिंग नेटवर्क

Nebty के शोधकर्ताओं के अनुसार, हैकर्स ने लाखों नकली डोमेन बनाकर एक विशाल ऑनलाइन शॉपिंग साम्राज्य स्थापित किया है। इससे पहले 'BogusBazaar' स्कैम में लगभग 75,000 साइट्स थीं, लेकिन DoppelCart ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। इसे अब तक का सबसे बड़ा नकली शॉपिंग नेटवर्क माना जा रहा है।


असली ब्रांड्स की हूबहू नकल

इस धोखाधड़ी की एक खास बात यह है कि हैकर्स ने लगभग 44,000 प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की नकली दुकानें बनाई हैं। इनमें CurrentBody, SodaStream, Velasca, Daniel Wellington, Dreame और Horze जैसे नाम शामिल हैं। वे असली ब्रांड की वेबसाइट से तस्वीरें, लोगो और उत्पाद की जानकारी उठाकर अपनी फर्जी साइट पर डाल देते हैं, जिससे आपको उत्पाद की वास्तविकता पर कोई संदेह नहीं होता।


चेकआउट पेज पर जानकारी की चोरी

जब आप सामान का चयन करके भुगतान करने जाते हैं, तब असली खतरा शुरू होता है। फर्जी चेकआउट पेज में छिपा खतरनाक कोड आपके कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, CVV, नाम, ईमेल, फोन नंबर और घर का पता चुरा लेता है। ये सभी जानकारी सीधे हैकर्स के सर्वर पर पहुंच जाती है, जिसके बाद आपके अकाउंट से पैसे कटने लगते हैं।


भारी छूट का जाल

इन साइट्स पर 50 से 65 प्रतिशत तक की छूट दिखाई जाती है। सोशल मीडिया पर आने वाले विज्ञापनों या स्पॉन्सर्ड लिंक पर कम दाम देखकर लोग तुरंत क्लिक कर देते हैं। हैकर्स जानते हैं कि सस्ते ऑफर देखकर लोग जल्दी निर्णय लेते हैं।


सुरक्षित खरीदारी के उपाय

हमेशा आधिकारिक ऐप या विश्वसनीय वेबसाइट से ही खरीदारी करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। नई साइट पर जाने से पहले गूगल पर उसका नाम और 'scam' या 'review' लिखकर सर्च करें। 70-80 प्रतिशत जैसी असंभव छूट देखकर सतर्क हो जाएं। भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग करें, क्योंकि फ्रॉड होने पर चार्जबैक की सुविधा मिलती है। OTP कभी किसी से साझा न करें और बैंक के संदेशों को ध्यान से पढ़ें।


यदि ठगी हो जाए, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। थोड़ी सावधानी से आप अपनी मेहनत की कमाई को बचा सकते हैं।