Meta का नया AI फीचर: किशोरों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम
नई सुरक्षा पहल का ऐलान
नई दिल्ली: मेटा, जो फेसबुक की मूल कंपनी है, ने किशोरों की मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सुरक्षा फीचर पेश किया है। यह टूल 'Meta AI' के साथ मिलकर काम करेगा। यदि कोई किशोर Meta AI चैटबॉट से बात करते समय आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने की बातें करता है, तो यह फीचर तुरंत सक्रिय होकर माता-पिता को सूचित करेगा।
प्राइवेसी और सुरक्षा का संतुलन
कई बार किशोर AI चैटबॉट को एक दोस्त मानकर अपनी समस्याएं साझा करते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए, मेटा ने इस फीचर को इस तरह से डिजाइन किया है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी प्राइवेसी भी सुरक्षित रहे।
चैट स्कैनिंग और रिव्यू प्रक्रिया
चैट स्कैनिंग और रिव्यू: AI सिस्टम किशोरों और चैटबॉट के बीच बातचीत की निगरानी करता है। गंभीर स्थिति का पता चलने पर, अलर्ट भेजने से पहले टीम द्वारा इसकी जांच की जाती है।
सीमित जानकारी शेयरिंग: माता-पिता को केवल अलर्ट और स्थिति से निपटने के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया जाएगा, उन्हें बच्चे की पूरी व्यक्तिगत चैट नहीं दिखाई जाएगी।
कहाँ शुरू हुई यह सुविधा?
किन देशों में शुरू हुई यह सुविधा?
मेटा का यह नया सुरक्षा फीचर अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में सक्रिय कर दिया गया है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए माता-पिता को इंस्टाग्राम पेरेंटल सुपरविज़न का उपयोग करना होगा। कंपनी का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक इसे भारत सहित अन्य देशों में भी लागू किया जाए। डिजिटल युग में AI चैटबॉट्स के बढ़ते उपयोग के बीच, मेटा की यह पहल अभिभावकों को समय पर सतर्क करने में सहायक होगी।
इमरजेंसी सेवाओं की सहायता
इमरजेंसी सर्विसेज की भी मिलेगी मदद
कंपनी ने यह भी बताया है कि वह एक और उन्नत सुरक्षा फीचर पर काम कर रही है। इसके तहत, यदि Meta AI के साथ बातचीत के दौरान यह पता चलता है कि कोई व्यक्ति, चाहे वह किशोर हो या वयस्क, खुद को नुकसान पहुंचाने या आत्महत्या करने के गंभीर खतरे में है, तो सीधे इमरजेंसी सेवाओं से संपर्क किया जाएगा। मेटा के अनुसार, पिछले वर्ष दुनिया भर में 19,000 से अधिक ऐसे मामलों को सुरक्षा एजेंसियों को भेजा गया, जिससे जोखिम में पड़े लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
