Meta के नए AI ग्लासेस: क्या आपकी प्राइवेसी को होगा खतरा?
नई दिल्ली में Meta के AI ग्लासेस की चर्चा
नई दिल्ली: यदि आप Meta के आगामी AI ग्लासेस खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो एक पल के लिए रुकें। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी का नया 'सुपर सेंसिंग' फीचर आपकी प्राइवेसी के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। एक प्रमुख मीडिया चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, Meta ऐसे AI-संचालित स्मार्ट ग्लास विकसित कर रहा है जो दिनभर आपकी गतिविधियों को रिकॉर्ड कर सकते हैं।
रिकॉर्डिंग के लिए बिना LED का उपयोग
सूत्रों के अनुसार, ये नए चश्मे हर कुछ सेकंड में तस्वीरें और ऑडियो रिकॉर्ड करेंगे। सबसे चिंताजनक बात यह है कि रिकॉर्डिंग के दौरान ग्लास में लगा LED संकेतक नहीं जलने वाला है।
वर्तमान में उपलब्ध Meta Ray-Ban ग्लास में जब भी कोई फोटो या वीडियो लिया जाता है, तो LED जलता है। लेकिन 'सुपर सेंसिंग' मोड में, कंपनी इस संकेतक को बंद रखने की योजना बना रही है। इसका अर्थ है कि सामने वाला व्यक्ति यह नहीं जान पाएगा कि उसकी बातें रिकॉर्ड की जा रही हैं।
सिस्टम की कार्यप्रणाली
Meta का दावा है कि वे रॉ फोटो या ऑडियो को स्टोर नहीं करेंगे। कंपनी केवल इमेज और ऑडियो से मेटाडेटा निकालकर उसे अपने सर्वर पर भेजेगी। इसके बाद, Meta AI उस डेटा को प्रोसेस करके आपके सवालों का उत्तर देगा।
उदाहरण के लिए, आप AI से पूछ सकते हैं, 'मैंने अपनी चाबी कहां रखी थी?' या 'कल जिस कैफे में गया था उसका नाम क्या था?' AI आपकी दिनभर की गतिविधियों को याद रखकर उत्तर देगा। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन फीचर्स को सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से पुराने Meta ग्लास में भी सक्रिय किया जा सकता है।
क्या डेटा AI मॉडल को प्रशिक्षित करेगा?
कंपनी इस बात पर विचार कर रही है कि इन ग्लास से प्राप्त डेटा Meta के AI मॉडल को प्रशिक्षित करने में उपयोगी हो सकता है। OpenAI, Google और Anthropic के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए Meta AI पर अरबों डॉलर खर्च कर रहा है। इस प्रकार, उपयोगकर्ताओं का दैनिक डेटा उनके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
Meta की प्राइवेसी पर सफाई
इस मामले पर Meta ने कहा है कि वे 'आंतरिक प्रोटोटाइप' पर टिप्पणी नहीं करेंगे। कंपनी का कहना है कि वे 'शुरुआत से ही प्राइवेसी को प्राथमिकता देते हुए' काम कर रहे हैं। Meta ने 'प्रोजेक्ट एरिया' का भी उल्लेख किया, जो पारंपरिक फोटो-वीडियो के बिना लोगों की सहायता करने वाली तकनीक है। इसमें बातचीत को अपने आप टेक्स्ट में बदलने जैसे फीचर्स भी शामिल हैं। मार्क जकरबर्ग पहले भी कह चुके हैं कि भविष्य में AI ग्लास स्मार्टफोन की जगह ले सकते हैं। ये डिवाइस ट्रांसलेशन, सवाल-जवाब और व्यक्तिगत सहायक के रूप में कार्य करेंगे। लेकिन बिना LED और निरंतर रिकॉर्डिंग वाले फीचर ने प्राइवेसी को लेकर नई बहस को जन्म दिया है।
