Google ने बच्चों की सुरक्षा के लिए रिपोर्टिंग प्रक्रिया में बदलाव किया
बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट पर नई पहल
Google ने भारत में बच्चों के यौन शोषण से संबंधित ऑनलाइन सामग्री की रिपोर्टिंग प्रक्रिया में बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब कंपनी इस तरह के मामलों की महत्वपूर्ण जानकारी सीधे भारतीय अधिकारियों को प्रदान करेगी। पहले, यह जानकारी अमेरिका की संस्था NCMEC के माध्यम से भेजी जाती थी।
I4C को सीधे जानकारी प्रदान करेगा Google
कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि Google बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री को रोकने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इसके लिए कंपनी तकनीकी और अन्य संसाधनों में निवेश कर रही है। भारत सरकार के साथ बातचीत के बाद, Google ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) को आवश्यक जानकारी देने का प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, Google ने इस बदलाव के संबंध में I4C और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से संपर्क किया है।
पहले अमेरिका की संस्था को भेजी जाती थी रिपोर्ट
अब तक, अमेरिका की प्रमुख टेक कंपनियां बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री की रिपोर्टिंग मुख्य रूप से अमेरिका स्थित National Center for Missing & Exploited Children (NCMEC) को करती थीं। इसके बाद, यह जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचती थी। भारत में अधिकारियों को ऐसी जानकारी मिलने में समय लगने की समस्या रही है। नई व्यवस्था के तहत, Google से मिलने वाली जानकारी सीधे भारतीय साइबर अपराध तंत्र तक पहुंचेगी, जिससे मामलों पर त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर बढ़ता ध्यान
भारत में बच्चों को ऑनलाइन शोषण से बचाने के लिए सरकार और बड़ी टेक कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ रहा है। I4C, जो कि गृह मंत्रालय का प्रमुख केंद्र है, देश में साइबर अपराध से संबंधित मामलों पर काम करता है और National Cyber Crime Reporting Portal भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है। इससे पहले, Meta ने भी बच्चों की सुरक्षा से संबंधित मामलों की जानकारी सीधे I4C के साइबर अपराध पोर्टल को देने पर सहमति जताई थी। Google का यह कदम भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
