Samsung का नया AI फीचर: स्लीप एपनिया की पहचान में मददगार
Samsung AI फीचर का परिचय
Samsung AI फीचर: आजकल की स्मार्टवॉच केवल समय देखने या फिटनेस ट्रैकिंग तक सीमित नहीं रह गई हैं। अब इन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रारंभिक संकेतों की पहचान के लिए भी उपयोग किया जा रहा है। इसी दिशा में, Samsung अपने Galaxy Watch और Galaxy Ring के स्लीप एपनिया डिटेक्शन फीचर को और अधिक उन्नत बनाने की योजना बना रहा है।
सैमसंग का नया AI फीचर क्या है?
स्लीप एपनिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की नींद के दौरान सांस बार-बार रुक सकती है। Samsung का नया AI फीचर रातभर सांसों से जुड़े संकेतों को ट्रैक करेगा और उनकी आवृत्ति के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगा। कंपनी के अनुसार, पहले के फीचर में केवल यह पता चलता था कि क्या स्लीप एपनिया के संकेत मौजूद हैं, लेकिन नए अपडेट में यूजर को इन संकेतों की आवृत्ति के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी।
यह तकनीक कैसे कार्य करेगी?
इस फीचर का उपयोग करने के लिए यूजर को सोते समय अपनी Galaxy Watch या संबंधित डिवाइस पहननी होगी। Samsung के अनुसार, परिणाम प्राप्त करने के लिए कम से कम 10 दिनों के भीतर दो बार पांच-पांच घंटे की नींद के दौरान डिवाइस पहनना आवश्यक होगा। इसके बाद AI एल्गोरिदम नींद के दौरान रिकॉर्ड किए गए संकेतों का विश्लेषण करेगा। सांस लेने में रुकावट से जुड़े पैटर्न और उनकी संख्या के आधार पर सिस्टम रिपोर्ट तैयार करेगा, जिससे यूजर को यह समझने में मदद मिलेगी कि उसे स्लीप एपनिया के कितने संकेत दिखाई दे रहे हैं।
कौन-सी डिवाइस में मिलेगा यह फीचर?
कंपनी की योजना के अनुसार, शुरुआत में इसे Galaxy Watch Ultra 2, Galaxy Watch 9 सीरीज और Galaxy Ring में लागू किया जाएगा। इसके बाद Wear OS 7.0 या उससे ऊपर के वर्जन पर चलने वाली Galaxy Watch 7 और Watch 8 सीरीज में भी भविष्य के फर्मवेयर अपडेट के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
हालांकि, Samsung का यह फीचर मेडिकल जांच या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य उन लोगों में स्लीप एपनिया के संभावित संकेतों की पहचान में मदद करना है, जिन्हें पहले इस समस्या का पता नहीं है।
फिलहाल, इस फीचर की शुरुआत पहले नवंबर से दक्षिण कोरिया में होगी। भारत समेत अन्य बाजारों में इसे कब उपलब्ध कराया जाएगा, इसकी जानकारी अभी आनी बाकी है।
