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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: महिलाओं की नौकरियों पर बढ़ता खतरा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कार्यस्थल में क्रांति ला रहा है, जिससे महिलाओं की नौकरियों पर खतरा बढ़ रहा है। इस लेख में, हम देखेंगे कि कैसे AI कार्यालय के कार्यों को सरल बना रहा है और इसके परिणामस्वरूप महिलाओं को नौकरी पाने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। क्या AI नई नौकरियों का सृजन करेगा, या यह केवल पुरानी नौकरियों को समाप्त करेगा? जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर विस्तृत जानकारी।
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AI का प्रभाव: महिलाओं की नौकरियों पर खतरा


नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कार्यस्थल पर क्रांति ला रहा है। यह कई कार्यों को सरल बना रहा है, लेकिन इसके साथ ही नौकरियों के लिए खतरा भी बढ़ रहा है। विशेष रूप से, यह परिवर्तन महिलाओं पर अधिक प्रभाव डाल सकता है। कार्यालयों में फाइल प्रबंधन, रिकॉर्ड रखरखाव, डेटा एंट्री और अन्य कार्यों में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं। AI अब इन कार्यों को स्वयं करने में सक्षम है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या भविष्य में महिलाओं के लिए नौकरी पाना और उसे बनाए रखना कठिन हो जाएगा?


AI से महिलाओं की नौकरियों को खतरा

इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) की एक अध्ययन के अनुसार, उच्च आय वाले देशों में लगभग 10 में से 1 महिला ऐसे कार्यों में संलग्न है, जहां AI के कारण नौकरी प्रभावित होने का खतरा है। सेक्रेटरी, क्लर्क और ऑफिस असिस्टेंट जैसे पदों पर महिलाएं बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। इन नौकरियों में जानकारी दर्ज करना, दस्तावेज तैयार करना और रिकॉर्ड प्रबंधन शामिल है। AI इन कार्यों को तेजी से और कम लागत में कर सकता है, जिससे इन पदों पर कार्यरत लोगों की आवश्यकता कम हो सकती है।


नौकरी जाने के बाद नई नौकरी पाना चुनौतीपूर्ण

AI के कारण नौकरी खोने का खतरा केवल बेरोजगारी तक सीमित नहीं है। कई बार लोगों को मजबूरी में कम वेतन वाली नौकरियों का सामना करना पड़ता है। कुछ को अपने करियर में पूरी तरह से बदलाव करना पड़ सकता है। अर्थशास्त्री डेविड ऑटर के अनुसार, अधिकांश लोग अपने करियर में एक विशेष प्रकार का अनुभव प्राप्त करते हैं। अचानक उस काम की मांग कम होने पर समान वेतन वाली नई नौकरी ढूंढना उनके लिए कठिन हो सकता है। यह विशेष रूप से उन महिलाओं पर अधिक प्रभाव डाल सकता है, जिन्होंने लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में कार्य किया है।


टेलीफोन ऑपरेटरों का उदाहरण

1940 के दशक में अमेरिका में टेलीफोन ऑपरेटरों के अधिकांश पदों पर महिलाएं कार्यरत थीं। इस नौकरी के लिए विशेष प्रशिक्षण और तेज गति से काम करने की आवश्यकता होती थी। लेकिन जब ऑटोमेटेड टेलीफोन सिस्टम का आगमन हुआ, तो ऑपरेटरों की आवश्यकता कम होने लगी।


एक अध्ययन के अनुसार, तकनीकी बदलाव के कारण लगभग 75,000 ऑपरेटरों की नौकरियां समाप्त हो गईं। कई अनुभवी महिलाओं को कम वेतन वाली नौकरियों का सामना करना पड़ा। वहीं, युवा महिलाओं ने नए कौशल सीखकर अन्य क्षेत्रों में अवसरों की तलाश की। यह दर्शाता है कि तकनीक नई नौकरियों का सृजन कर सकती है, लेकिन पुरानी नौकरियों में कार्यरत हर व्यक्ति को इसका लाभ तुरंत नहीं मिलता।


क्या AI नई नौकरियों का सृजन करेगा?

AI कुछ पुराने कार्यों को समाप्त कर सकता है, लेकिन इसके साथ नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न हो सकते हैं। हालांकि, सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या नई नौकरियां उन लोगों को मिल पाएंगी, जिनका पुराना कार्य समाप्त हो गया है। एक अध्ययन में पाया गया कि कार्यालय के कार्यों में नए सॉफ्टवेयर अपनाने वाली कंपनियों में कुछ नौकरियों में कमी आई, जबकि कॉलेज से स्नातक कर्मचारियों की सैलरी में वृद्धि देखी गई।