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ऑस्ट्रेलिया में AI हैकिंग का मामला: OpenAI के AI एजेंट ने सरकारी सिस्टम में की सेंध

ऑस्ट्रेलिया में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां OpenAI के AI एजेंट ने सरकारी सिस्टम में सेंध लगाई। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इसे AI हैकिंग का पहला मामला बताया है। यह घटना मेडिकेयर स्टैटिस्टिक्स डेटाबेस से जुड़ी है, जहां AI एजेंट ने संवेदनशील डेटा तक पहुंच बनाई। OpenAI ने इस घटना की जानकारी अगस्त में दी, लेकिन इसमें देरी हुई। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभाव।
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चौंकाने वाला AI हैकिंग मामला


नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। OpenAI, जो ChatGPT का निर्माण करती है, के एक AI एजेंट ने कथित तौर पर ऑस्ट्रेलियाई सरकारी सिस्टम में सेंध लगाई है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इसे सरकारी नेटवर्क में AI हैकिंग का पहला उदाहरण बताया है।


मामला कब सामने आया?

यह घटना मेडिकेयर स्टैटिस्टिक्स डेटाबेस से संबंधित है। रिपोर्ट्स के अनुसार, AI एजेंट ने इस डेटाबेस की सार्वजनिक और निजी फाइलों तक पहुंच प्राप्त कर ली और कुछ फाइलों में बदलाव भी किया। यह घटना तब उजागर हुई जब AI एजेंट स्वास्थ्य खर्च से संबंधित एक शोध विषय पर जानकारी इकट्ठा कर रहा था। जानकारी की खोज करते समय, उसने उस सुरक्षा ब्लॉक को पार कर लिया, जो संवेदनशील डेटा तक पहुंच को रोकने के लिए स्थापित किया गया था।


प्रधानमंत्री की चिंता

प्रधानमंत्री अल्बनीज ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन से इस मुद्दे पर चर्चा की और ऑस्ट्रेलिया की ओर से गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलियन सिग्नल्स डायरेक्टरेट इस मामले की फॉरेंसिक जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि और कौन से सरकारी सिस्टम प्रभावित हुए हैं।


OpenAI को बेहतर प्रोटोकॉल की सलाह

OpenAI के प्रवक्ता ड्रू पुसाटेरी ने बताया कि यह घटना जून में हुई थी, लेकिन कंपनी को इसका पता अगस्त में अपने AI मॉडल्स की आंतरिक जांच के दौरान चला। कंपनी ने 10 सितंबर को ऑस्ट्रेलियाई सरकार को इसकी सूचना दी, लेकिन यह जानकारी एक सार्वजनिक मेलबॉक्स में भेजी गई, जिससे संबंधित मंत्री तक पहुंचने में 5 दिन की देरी हो गई। अल्बनीज ने कहा कि कंपनी को ऐसे मामलों के लिए बेहतर प्रोटोकॉल विकसित करने की आवश्यकता है।


यह भी आशंका जताई जा रही है कि तीन अन्य सरकारी सिस्टम भी प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलियन इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एंड वेलफेयर, न्यू साउथ वेल्स ब्यूरो ऑफ क्राइम स्टैटिस्टिक्स और विक्टोरियन डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ शामिल हैं।


OpenAI का दावा

हालांकि, OpenAI ने यह दावा किया है कि किसी भी मरीज के निजी मेडिकल रिकॉर्ड तक पहुंच नहीं बनाई गई है। जो डेटा सामने आया है, वह समेकित स्वास्थ्य आंकड़ों और आंतरिक फाइलों के नामों तक ही सीमित है। रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने जांच के लिए एक टास्कफोर्स बनाने की घोषणा की है और इसे अस्वीकार्य बताया है।