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क्या WhatsApp भारत में लागू करेगा ऐज वेरिफिकेशन नियम? जानें पूरी कहानी

WhatsApp ने भारत में उपयोगकर्ताओं को जन्मतिथि दर्ज करने के लिए नोटिफिकेशन भेजा है, जिससे सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। क्या यह ऐज वेरिफिकेशन नियमों की तैयारी है? जानें इस नए प्रॉम्प्ट के पीछे की सच्चाई और इसके संभावित प्रभावों के बारे में। क्या भारत भी अन्य देशों की तरह सख्त नियम लागू करेगा? इस लेख में सभी जानकारी प्राप्त करें।
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WhatsApp पर जन्मतिथि दर्ज करने का नया नोटिफिकेशन


नई दिल्ली: हाल ही में, भारत में WhatsApp उपयोगकर्ताओं को ऐप पर अपनी जन्मतिथि दर्ज करने के लिए एक नोटिफिकेशन प्राप्त हो रहा है। इस नए प्रॉम्प्ट के चलते सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कंपनी देश में संभावित ऐज वेरिफिकेशन नियमों की तैयारी कर रही है। हालांकि, इस संबंध में WhatsApp या भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।


सोशल मीडिया पर वायरल हुआ स्क्रीनशॉट

इस विषय पर सबसे पहले टिप्स्टर अभिषेक यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने एक स्क्रीनशॉट दिखाया। इस स्क्रीनशॉट में WhatsApp उपयोगकर्ताओं से जन्मतिथि जोड़ने का अनुरोध किया गया है। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि यह प्रक्रिया भारत सरकार के आगामी नियमों के तहत की जा रही है, लेकिन इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।


वेरिफिकेशन प्रक्रिया का विवरण

WhatsApp पहले से ही कुछ उपयोगकर्ताओं से उम्र संबंधी जानकारी मांगता रहा है। कंपनी के आधिकारिक सपोर्ट पेज के अनुसार, अकाउंट बनाते समय या विशेष फीचर्स का उपयोग करते समय यूजर्स से उनकी उम्र पूछी जा सकती है। इसके अलावा, आवश्यकता पड़ने पर कंपनी आगे वेरिफिकेशन के लिए अतिरिक्त जानकारी भी मांग सकती है।


उम्र की जानकारी क्यों ली जा रही है?

WhatsApp का कहना है कि विभिन्न देशों के कानूनों का पालन करने और उपयोगकर्ताओं को उनकी उम्र के अनुसार बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए यह जानकारी ली जा रही है। इससे Meta AI से जुड़े कुछ फीचर्स, स्टेटस और चैनल्स में दिखने वाले विज्ञापनों और अन्य सेवाओं को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपयोगकर्ता की जन्मतिथि या उम्र अन्य लोगों को नहीं दिखाई देती।


ऐज वेरिफिकेशन के संभावित प्रभाव

इन चर्चाओं के बीच, भारत में एज वेरिफिकेशन नियमों को लेकर भी बहस तेज हो गई है। ऑस्ट्रेलिया ने पहले ही 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए हैं, जबकि ब्रिटेन ने भी ऑनलाइन सेवाओं के लिए उम्र सत्यापन के नियम कड़े किए हैं। यदि भविष्य में भारत भी इसी तरह के नियम लागू करता है, तो WhatsApp के अलावा Telegram, Signal, Instagram और Snapchat जैसे प्लेटफॉर्म पर भी उपयोगकर्ताओं का ऐज वेरिफिकेशन किया जा सकता है। इस विषय पर अभी किसी आधिकारिक निर्णय का इंतजार है।