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टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स साइबर सुरक्षा घटना पर सरकार का बयान

केंद्र सरकार ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी हालिया साइबर सुरक्षा घटना पर बयान दिया है, जिसमें कहा गया है कि डेटा के किसी गंभीर नुकसान का कोई सबूत नहीं मिला है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के साथ मिलकर इस मामले का समाधान खोजने में जुटी है। एप्पल की सप्लाई चेन पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं, लेकिन सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है। जानें इस घटना के बारे में और क्या कहा गया है।
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केंद्र सरकार का बयान

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने सोमवार को जानकारी दी कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से संबंधित हालिया साइबर सुरक्षा घटना के संदर्भ में उसे डेटा के किसी गंभीर नुकसान का कोई संकेत नहीं मिला है।


इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने हाल ही में जारी 'डिजिटल थ्रेट रिपोर्ट' के लॉन्च के दौरान बताया कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स इस घटना का समाधान खोजने के लिए मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है।


उन्होंने कहा, "टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सरकार के साथ सहयोग कर रही है। हमारे आकलन के अनुसार, कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं खोई गई है।"


यह बयान उस समय आया है जब एप्पल की सप्लाई चेन पर इस साइबर सुरक्षा घटना के संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं, क्योंकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में आईफोन के निर्माण में एक प्रमुख साझेदार है।


हालांकि, कृष्णन ने यह भी बताया कि मामले की जांच अभी जारी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अधिकारी स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं।


इससे पहले, आईटी सचिव ने कहा था कि इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (सीईआरटी-आईएन) डेटा लीक की रिपोर्ट की जांच कर रही है और इसके प्रभाव का आकलन करने के लिए कंपनी के साथ समन्वय कर रही है।


साइबर सुरक्षा के मुद्दे पर, कृष्णन ने कहा कि संगठनों को इसे केवल तकनीकी समस्या के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे पूरे संगठन के लिए एक जोखिम के रूप में समझना चाहिए और उभरते डिजिटल खतरों के खिलाफ सतर्क रहना चाहिए।


उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सीईआरटी-आईएन की सलाह, साइबर हाइजीन पहलों और घटना प्रबंधन के तरीकों के माध्यम से उद्योग के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास कर रही है, क्योंकि एआई-आधारित साइबर हमले और सप्लाई चेन की कमजोरियां अधिक जटिल होती जा रही हैं।