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दिवाली बोनस के नाम पर ठगी से बचने के उपाय

दिवाली का त्योहार नजदीक है, और इस दौरान ठगों द्वारा लोगों को धोखा देने के लिए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। हाल ही में WhatsApp पर एक संदेश वायरल हो रहा है, जिसमें 8,000 रुपये के दिवाली बोनस का दावा किया गया है। यह एक धोखाधड़ी है, और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। जानें कि इस स्कैम से कैसे बचें और अगर आप ठगी का शिकार हो जाएं तो क्या करें।
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दिवाली की तैयारियों के बीच ठगी का खतरा

नई दिल्ली: दिवाली का त्योहार नजदीक है, और लोग अपने घरों को सजाने में व्यस्त हैं। इस बीच, ठग भी सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में WhatsApp पर एक संदेश तेजी से फैल रहा है, जिसमें दिवाली बोनस के रूप में 8,000 रुपये देने का दावा किया गया है।

इस संदेश में कहा गया है कि यह राशि प्रधानमंत्री की ओर से दी जा रही है। यदि आपके फोन पर ऐसा कोई संदेश आता है, तो आपको सतर्क रहना चाहिए। यह कोई सरकारी योजना नहीं है, बल्कि एक ऑनलाइन धोखाधड़ी का तरीका है। सरकारी एजेंसी PIB ने इस संदेश की सत्यता की जांच की है।


कैसे हो रही है ₹8,000 बोनस के नाम पर ठगी?

इस धोखाधड़ी में लोगों को WhatsApp पर एक लिंक भेजा जाता है, जिसमें कहा जाता है कि उन्हें दिवाली बोनस के रूप में 8,000 रुपये मिलेंगे। इस लिंक पर क्लिक करने पर, व्यक्ति एक नकली वेबसाइट पर पहुंच जाता है, जहां उनसे नाम, मोबाइल नंबर और बैंक खाता जैसी जानकारी मांगी जाती है।

कुछ मामलों में, ठग OTP और UPI PIN जैसी संवेदनशील जानकारी भी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। यदि कोई व्यक्ति उनके लालच में आ जाता है, तो उसके बैंक खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं। कभी-कभी, ऐसे लिंक के माध्यम से मोबाइल में हानिकारक ऐप भी डाउनलोड कराए जाते हैं।


सावधान रहने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:

  • WhatsApp पर आए किसी भी अनजान बोनस लिंक पर क्लिक न करें।

  • किसी के साथ अपना OTP, ATM PIN या UPI PIN साझा न करें।

  • सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से जांचें।

  • अनजान वेबसाइट पर बैंक और निजी जानकारी दर्ज न करें।

  • फ्री में मिलने वाले पैसे या इनाम देने वाले संदिग्ध संदेश को आगे फॉरवर्ड न करें।


अगर ठगी का शिकार हो जाएं तो क्या करें:

यदि आप ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा, भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाकर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।