देवदत्त पडिक्कल: क्रिकेट में उभरता सितारा और उनकी पृष्ठभूमि
श्रीलंका दौरे पर देवदत्त का शानदार प्रदर्शन
नई दिल्ली. देवदत्त पडिक्कल, जिन्होंने श्रीलंका के दौरे पर अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा, ने गॉल टेस्ट की पहली पारी में शानदार 211 रन बनाए। इस पारी में उनके 167 रन ने विरोधी टीम के मनोबल को तोड़ दिया। भारत ने इस टेस्ट मैच में श्रीलंका को 165 रन से हराया।
देवदत्त का क्रिकेट सफर
बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त का जन्म 7 जुलाई 2000 को केरल के एडप्पल में हुआ। उनके पिता क्रिकेट के बड़े प्रशंसक थे और उन्होंने अपने बेटे की क्रिकेट में रुचि को पहचानते हुए उसे इस खेल में आगे बढ़ाने का सपना देखा। परिवार को हैदराबाद और फिर बेंगलुरु में स्थानांतरित होना पड़ा। देवदत्त ने 9 साल की उम्र में कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट में दाखिला लिया, जहां कोच नसीरुद्दीन ने उनकी प्रतिभा को पहचाना।
2017 में मिली पहचान
देवदत्त को 2017 में कर्नाटक प्रीमियर लीग से पहचान मिली, जहां उन्होंने बेल्लारी टस्कर्स के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। 28 नवंबर 2018 को उन्होंने रणजी ट्रॉफी में अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया। इसके बाद, 2019-20 विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने 11 मैचों में 609 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
पडिक्कल का समुदाय और पृष्ठभूमि
'पडिक्कल' एक उपनाम है, जो मुख्य रूप से दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक में पाया जाता है। यह नाम उच्च जाति के हिंदू समुदायों, जैसे नायर और ब्राह्मण, के बीच प्रचलित है। इसके अलावा, यह नाम सीरियाई ईसाई परिवारों में भी देखा गया है।
