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पेट्रोल की कीमतों पर इथेनॉल मिश्रण का प्रभाव: सरकार ने दी जानकारी

सरकार ने संसद में पेट्रोल की कीमतों पर इथेनॉल मिश्रण के प्रभाव का खुलासा किया है। मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति ने महंगे पेट्रोल से आम जनता को बचाया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल से इंजन को कोई नुकसान नहीं होता है, और करोड़ों वाहन इस मिश्रित ईंधन का उपयोग कर रहे हैं। जानें इस नीति के पीछे का गणित और इसके लाभ।
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पेट्रोल की कीमतों का गणित

नई दिल्ली: क्या आपने कभी सोचा है कि पेट्रोल पंप पर गाड़ी की टंकी भरते समय, यदि पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट न होती, तो आपको कितनी अधिक कीमत चुकानी पड़ती? वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, सरकार ने संसद में पेट्रोल की वास्तविक कीमत का खुलासा किया है। सरकार ने बताया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति ने कैसे आम जनता को महंगे पेट्रोल से बचाने में मदद की है और देश की तेल आयात पर निर्भरता को भी कम किया है।


125 रुपये तक पहुंच सकता था पेट्रोल का दाम

लोकसभा में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने एक लिखित उत्तर में चौंकाने वाले आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि जब मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 135 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, तब भारत में बिना इथेनॉल वाले पेट्रोल की कीमत 125 रुपये प्रति लीटर के पार जा सकती थी। लेकिन, सरकार की दूरदर्शी इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति और तेल कंपनियों की खरीद रणनीति के कारण, पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध कराया गया।


E20 पेट्रोल से इंजन खराब होने का डर निराधार

वाहन चालकों के बीच यह धारणा है कि इथेनॉल मिश्रित (E20) पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को नुकसान होता है। सरकार ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल को लागू करने से पहले इसके व्यापक परीक्षण किए गए थे, जिसमें गाड़ियों की परफॉर्मेंस और इंजन की क्षमता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया।


करोड़ों गाड़ियां बेधड़क भर रही हैं फर्राटा

सरकार ने बताया कि भारत में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह पिछले कई वर्षों से सफलतापूर्वक चल रहा है। वर्तमान में, देश की सड़कों पर 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से अधिक पेट्रोल कारें इसी इथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग कर रही हैं। इतने बड़े स्तर पर उपयोग के बावजूद, इंजन में जंग लगने या खराब होने की कोई व्यापक शिकायत नहीं आई है, जो इस ईंधन की गुणवत्ता को साबित करता है।