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भारत में UPI भुगतान अब बिना इंटरनेट के संभव होगा

भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव आने वाला है। NPCI एक नई तकनीक पर काम कर रहा है, जिससे उपयोगकर्ता बिना इंटरनेट के भी UPI के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में उपयोगी साबित होगी। UPI Lite पर आधारित यह प्रणाली छोटे डिजिटल वॉलेट की तरह कार्य करेगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया और भी सरल हो जाएगी। दुकानदारों को भी अपनी मशीनों को NFC सपोर्ट के साथ तैयार करना होगा। जानें इस नई तकनीक के बारे में और इसके संभावित लाभ।
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डिजिटल भुगतान में नया मोड़


भारत का डिजिटल भुगतान प्रणाली एक महत्वपूर्ण परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक नई तकनीक पर कार्य कर रहा है, जिससे उपयोगकर्ता बिना इंटरनेट के भी UPI के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से उन क्षेत्रों में लाभकारी होगी जहां नेटवर्क कमजोर है।


UPI भुगतान बिना इंटरनेट के

NPCI एक ऑफलाइन UPI प्रणाली विकसित कर रहा है, जिसमें नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यदि आपके मोबाइल में NFC सपोर्ट है, तो आप केवल अपने फोन को भुगतान मशीन के पास लाकर भुगतान कर सकेंगे, बिना इंटरनेट की आवश्यकता के। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी जो ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं या यात्रा करते हैं जहां मोबाइल नेटवर्क की स्थिति ठीक नहीं होती। इससे डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया और भी सरल और तेज हो जाएगी।


UPI Lite पर आधारित प्रणाली

यह नई सुविधा UPI Lite पर निर्भर करेगी, जो एक छोटे डिजिटल वॉलेट की तरह कार्य करती है। इसमें पहले से पैसे जोड़ने की आवश्यकता होगी। जब आपके फोन में इंटरनेट उपलब्ध होगा, तब आप इसमें राशि लोड कर सकेंगे। इसके बाद, बिना इंटरनेट के भी भुगतान किया जा सकेगा। प्रारंभ में, एक ट्रांजैक्शन की अधिकतम सीमा 2,000 रुपये हो सकती है, और UPI पिन डालने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे छोटे भुगतान कुछ ही सेकंड में पूरे हो जाएंगे।


दुकानदारों के लिए तैयारी

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए दुकानदारों को अपनी पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीनों को NFC सपोर्ट के साथ तैयार करना होगा। इसके लिए NPCI की मंजूरी और सर्टिफिकेशन आवश्यक होगा। बताया जा रहा है कि इस साल के अंत तक ऐसे टर्मिनल को सर्टिफाई करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके बाद, बैंक और भुगतान ऐप कंपनियां इस तकनीक को अपने प्लेटफॉर्म पर लागू कर सकेंगी। हालांकि, NPCI या सरकार ने अभी तक इसकी लॉन्च तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।