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मुख्यमंत्री धामी ने रुद्रप्रयाग में पुल और सुरंग परियोजना का निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग में चारधाम सड़क परियोजना के तहत पुल और सुरंग का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्घाटन जल्द होगा, जिससे तीर्थयात्रियों को यात्रा में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, उन्होंने पुस्तक दान अभियान की सराहना की, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करना है। जानें इस परियोजना और अभियान के बारे में और क्या खास है।
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मुख्यमंत्री का निरीक्षण

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रुद्रप्रयाग में चारधाम सड़क परियोजना के तहत बनाए गए पुल और सुरंग का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने परियोजना की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की और बताया कि इसका औपचारिक उद्घाटन जल्द ही किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान के तहत संगम लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया।


चारधाम सड़क परियोजना का महत्व

चारधाम सड़क परियोजना के अंतर्गत रुद्रप्रयाग में लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है। इस परियोजना की कुल लंबाई लगभग 1.18 किलोमीटर है, जो केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-107) को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-07) से सीधे जोड़ती है।


यातायात में सुधार

सोमवार से पुल-सुरंग मार्ग पर ट्रायल के आधार पर आवागमन शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना का औपचारिक उद्घाटन जल्द होगा। नियमित यातायात शुरू होने के बाद, तीर्थयात्रियों को रुद्रप्रयाग बाजार से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे चारधाम यात्रा के दौरान नगर में यातायात का दबाव कम होगा और स्थानीय निवासियों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।


सड़क सुरक्षा और पुस्तक दान अभियान

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर दिया। बेहतर सड़क संपर्क और आधुनिक अवसंरचना के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।


इस दौरान, मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों की जानकारी भी ली। इसके अलावा, संगम लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए उन्होंने पुस्तक दान अभियान की सराहना की, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करना है।


पुस्तक दान अभियान की सफलता

इस अभियान के तहत संगम पुस्तकालय को 2,500 से अधिक पुस्तकें प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान और साहित्य की उपयोगी पुस्तकें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने भी इस अभियान में 150 पुस्तकें दान की हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान अर्जित करने का महत्वपूर्ण साधन हैं और इस तरह के अभियान विद्यार्थियों के लिए लाभकारी हैं।


उपस्थित जनप्रतिनिधि

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, और अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।