Newzfatafatlogo

सुंदर पिचाई का जन्मदिन: गूगल के CEO की सफलता की कहानी

सुंदर पिचाई, गूगल के CEO, आज 54 वर्ष के हो गए हैं। उनका जन्म 10 जून 1972 को हुआ था। पिचाई ने 2004 में गूगल से जुड़कर तेजी से तरक्की की और 2015 में CEO बने। हाल ही में उन्हें 69.2 करोड़ डॉलर का नया परफॉर्मेंस पैकेज मिला है। गूगल के मार्केट कैपिटलाइजेशन में पिछले 10 वर्षों में 7 गुना वृद्धि हुई है। जानें उनके बचपन, शिक्षा और करियर के बारे में।
 | 
सुंदर पिचाई का जन्मदिन: गूगल के CEO की सफलता की कहानी

सुंदर पिचाई का जन्मदिन


नई दिल्ली: गूगल के CEO सुंदर पिचाई आज 54 वर्ष के हो गए हैं। उनका जन्म 10 जून 1972 को हुआ था। भारतीय मूल के पिचाई आज टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक प्रमुख नाम बन चुके हैं। उन्होंने 2004 में गूगल से जुड़कर तेजी से उन्नति की और 2015 में CEO बनने से पहले उन्हें चार बार पदोन्नति मिली।


पिचाई की करियर यात्रा

शुरुआत में, पिचाई प्रोडक्ट मैनेजमेंट के वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत थे और बाद में गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज के करीबी सहयोगी बन गए। हाल ही में, गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने उन्हें तीन साल का नया परफॉर्मेंस पैकेज दिया है, जिसके तहत वे अगले तीन वर्षों में 69.2 करोड़ डॉलर (लगभग 5,700 करोड़ रुपये) तक कमा सकते हैं। यह पैकेज मुख्य रूप से स्टॉक यूनिट्स के रूप में है, जिसका लाभ कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा.


गूगल की वृद्धि

गूगल की जबरदस्त ग्रोथ:


पिचाई के नेतृत्व में गूगल की वैल्यू पिछले 10 वर्षों में काफी बढ़ी है, और कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 7 गुना बढ़कर 3.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। इस साल जनवरी में यह 4 ट्रिलियन डॉलर के पार भी चला गया था। 9 जून 2026 तक, उनकी नेट वर्थ 1.6 अरब डॉलर (लगभग 15,265 करोड़ रुपये) थी। पहले वे मैकिन्से कंपनी में कार्यरत थे, और गूगल के शेयरों के कारण ही वे अरबपति बने।


पिचाई की व्यक्तिगत जानकारी

बचपन और पढ़ाई:


सुंदर पिचाई का पूरा नाम पिचाई सुंदरराजन है। उनका जन्म चेन्नई में हुआ, जहाँ उनके पिता एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। उन्होंने IIT खड़गपुर से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर स्टैनफोर्ड से मास्टर डिग्री और यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया के व्हार्टन स्कूल से MBA किया। 1993 में, वे अमेरिका चले गए।


आज, सुंदर पिचाई न केवल गूगल के लिए, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी मेहनत और कुशल नेतृत्व ने गूगल को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।