TRAI ने स्पैम कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए नए नियम लागू किए
नई दिल्ली में स्पैम कॉल्स पर सख्त नियम
नई दिल्ली: जब फोन उठाने पर किसी इंसान की आवाज सुनने के बजाय रिकॉर्डेड संदेश सुनाई देता है, तो इसे रोबो कॉल कहा जाता है। इसके अलावा, बार-बार आने वाली प्रमोशनल कॉल, फर्जी नंबरों से आने वाले फोन और धोखाधड़ी वाले संदेशों से मोबाइल उपयोगकर्ता लंबे समय से परेशान हैं। इन समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए, टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI ने नए नियमों को लागू किया है।
रोबो कॉल्स पर चार्ज
नए नियमों के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों को ऑटोमैटिक या AI द्वारा की जाने वाली कॉल की जानकारी पहले से अपनी कंपनी को देनी होगी। यदि कोई कंपनी बिना सूचना के ऐसी कॉल करती है, तो इसे स्पैम गतिविधि माना जाएगा। यदि यह कॉल दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक तक पहुंचती है, तो रिसीव करने वाली कंपनी, कॉल भेजने वाली कंपनी से 5 पैसे प्रति मिनट तक का चार्ज ले सकती है।
यह ध्यान देने योग्य है कि यह शुल्क मोबाइल ग्राहक से नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा, 140, 1600 और 1601 जैसे निर्धारित नंबरों से की जाने वाली कॉल पर यह चार्ज लागू नहीं होगा।
AI की मदद से स्पैम की पहचान
TRAI ने स्पैम की पहचान के लिए AI तकनीक को नियमों में शामिल किया है। यदि किसी AI सिस्टम को कोई मोबाइल नंबर संदिग्ध स्पैमर लगता है, तो इसकी जानकारी संबंधित टेलीकॉम कंपनी को दी जा सकेगी। इसके बाद उस नंबर के अलावा, उसी व्यक्ति या संस्था से जुड़े अन्य नंबरों की भी जांच की जा सकती है।
यदि 10 दिनों के भीतर किसी व्यक्ति या संस्था के पांच या अधिक नंबर स्पैम गतिविधियों में पाए जाते हैं, तो उनकी KYC की दोबारा जांच की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर घर या ऑफिस जाकर भी वेरिफिकेशन किया जा सकता है। यदि जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित सभी नंबरों की आउटगोइंग सेवा 15 दिनों के लिए बंद की जा सकती है।
शिकायतों पर कार्रवाई
नए नियमों में मोबाइल उपयोगकर्ताओं की शिकायतों को भी महत्वपूर्ण माना गया है। यदि किसी नंबर के खिलाफ तीन शिकायतें आती हैं और AI सिस्टम भी उसे स्पैमर के रूप में पहचानता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। यदि उसकी गतिविधियों में पकड़ी जाती है, तो उससे जुड़े सभी नंबरों को एक साल तक बंद किया जा सकता है। संबंधित व्यक्ति या संस्था को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
स्पैम रिपोर्टिंग ऐप्स के लिए नियम
TRAI ने स्पैम पहचानने और ब्लॉक करने वाले कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के लिए भी नियम बनाए हैं। ऐसे ऐप्स सरकारी या TRAI द्वारा निर्धारित नंबरों से आने वाली हर कॉल को अपने स्तर पर स्पैम नहीं बता सकेंगे। इसके अलावा, ऐप में मौजूद रिपोर्ट स्पैम विकल्प तभी प्रभावी माना जाएगा, जब उससे की गई शिकायत टेलीकॉम कंपनियों के DLT सिस्टम तक पहुंचे।
DND सेटिंग में बदलाव
TRAI ने Do Not Disturb (DND) सेटिंग में भी बदलाव किया है। जिन लोगों ने 1909 के जरिए FULLY BLOCK विकल्प चुना है, उनकी सेटिंग को BLOCK PROMO में बदला जाएगा। इसका मतलब है कि प्रमोशनल कॉल और संदेश बंद रहेंगे, लेकिन OTP, बैंक अलर्ट, डिलीवरी अपडेट, फ्लाइट की जानकारी और जरूरी सरकारी संदेश आते रहेंगे।
फर्जी सेंडर आईडी पर कार्रवाई
यदि कोई ठग बैंक, कंपनी या किसी अन्य संस्था के नाम वाले सेंडर आईडी का गलत इस्तेमाल करके संदेश भेजता है, तो ऐसे सेंडर आईडी को छह घंटे के भीतर ब्लॉक किया जा सकेगा। जिस कंपनी के नाम का गलत इस्तेमाल हुआ है, उसे अपने पासवर्ड और API बदलने के साथ पुलिस में शिकायत भी करनी होगी।
नए नियमों की लागू होने की तारीख
TRAI के अनुसार, सभी प्रावधान एक साथ लागू नहीं होंगे। अधिकांश नियम गजट में प्रकाशित होने के 30 दिन बाद लागू होंगे। रोबो कॉल की जानकारी देने और 5 पैसे प्रति मिनट तक के चार्ज से जुड़े प्रावधान 60 दिन बाद लागू होंगे। वहीं, AI और शिकायतों के आधार पर कार्रवाई से जुड़े कुछ नियम 90 दिन बाद लागू होंगे।
