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एडवांस टैक्स: जानें किसे और कितना चुकाना है

एडवांस टैक्स एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रक्रिया है, जिसे वर्ष के दौरान किस्तों में चुकाना होता है। यह जानना आवश्यक है कि किसे एडवांस टैक्स चुकाना है और इसकी समय सीमा क्या है। इस लेख में, हम एडवांस टैक्स के नियम, भुगतान की प्रक्रिया, और कैलकुलेशन के तरीके पर चर्चा करेंगे। जानें कि कैसे आप अपनी टैक्स देनदारी को सही तरीके से प्रबंधित कर सकते हैं।
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एडवांस टैक्स की परिभाषा

एडवांस टैक्स वह आयकर है, जिसे वित्तीय वर्ष के दौरान किस्तों में चुकाना होता है, बजाय इसके कि इसे वर्ष के अंत में एक साथ अदा किया जाए। यदि किसी व्यक्ति या व्यवसाय की अनुमानित टैक्स देनदारी टीडीएस काटने के बाद ₹10,000 से अधिक है, तो उन्हें यह टैक्स चुकाना अनिवार्य है। यह नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू हुआ है और यह टैक्स वर्ष 2026-27 और उसके बाद की आय पर लागू होता है।


किसे चुकाना है एडवांस टैक्स?

हर व्यक्ति, फर्म या कंपनी, जिसकी टैक्स वर्ष के लिए टीडीएस समायोजित करने के बाद अनुमानित टैक्स देनदारी ₹10,000 या उससे अधिक है, को एडवांस टैक्स चुकाना होगा। हालांकि, केवल वे लोग जो सैलरी के माध्यम से आय प्राप्त करते हैं, उन्हें एडवांस टैक्स चुकाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनके नियोक्ता पहले ही टीडीएस काट लेते हैं।


एडवांस टैक्स से छूट

60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को एडवांस टैक्स चुकाने की आवश्यकता नहीं है, बशर्ते उनकी आय व्यवसाय या पेशे से न हो।


एडवांस टैक्स चुकाने की समय सीमा

सामान्य टैक्सपेयर्स को एडवांस टैक्स निम्नलिखित किस्तों में चुकाना होता है:



  • 15 जून तक - कुल एडवांस टैक्स का 15%

  • 15 सितंबर तक - 45%

  • 15 दिसंबर तक - 75%

  • 15 मार्च तक - 100%


प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत आने वाले टैक्सपेयर्स को 15 मार्च तक अपना 100% एडवांस टैक्स चुकाना होता है।


कैसे करें कैलकुलेशन?

टैक्सपेयर को सबसे पहले अपनी कुल आय का अनुमान लगाना चाहिए, जिसमें सैलरी, हाउस प्रॉपर्टी, व्यवसाय या पेशे से आय, पूंजीगत लाभ और अन्य स्रोत शामिल हैं।



  • सभी स्रोतों से हुई कुल आय को जोड़ें।

  • पात्र कटौतियों और लागू छूट को घटाएं।

  • चुने गए टैक्स सिस्टम के आधार पर आयकर की गणना करें।

  • अगर लागू हो, तो सरचार्ज और 4% हेल्थ और एजुकेशन सेस जोड़ें।

  • पात्र टैक्स छूट को घटाएं।

  • पहले से चुकाए गए टीडीएस, टीसीएस और एडवांस टैक्स के साथ-साथ पात्र MAT/AMT क्रेडिट को घटाएं।

  • बची हुई रकम एडवांस टैक्स की देनदारी होगी।


साल के दौरान आय में बदलाव

टैक्सपेयर साल के दौरान अपनी आय के अनुमान में बदलाव कर सकते हैं। यदि पहली या दूसरी किस्त के बाद आय बढ़ती है, तो वे बाकी किस्तों में बदलाव कर सकते हैं और नए अनुमान के अनुसार एडवांस टैक्स चुका सकते हैं।


कैपिटल गेन्स का समावेश

एडवांस टैक्स की गणना करते समय कैपिटल गेन्स को भी शामिल किया जाता है। यदि किसी किस्त की ड्यू डेट के बाद कैपिटल गेन्स होते हैं, तो उन पर टैक्स बाकी किस्तों के जरिए चुकाया जा सकता है।


दूसरे के बैंक अकाउंट से पेमेंट

हां, एडवांस टैक्स का भुगतान किसी अन्य व्यक्ति के बैंक अकाउंट से किया जा सकता है, बशर्ते चालान में उस टैक्सपेयर का PAN स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए जिसके लिए भुगतान किया जा रहा है।


Form 26AS में एडवांस टैक्स

बैंक द्वारा भुगतान की जानकारी अपलोड करने के बाद, आमतौर पर चुकाया गया एडवांस टैक्स Form 26AS में दिखाई देता है।


पेमेंट के समय जांचने योग्य जानकारी

पेमेंट कन्फर्म करने से पहले टैक्सपेयर्स को निम्नलिखित चीजें चेक करनी चाहिए:



  • PAN

  • टैक्स ईयर

  • सही टैक्स-पेमेंट हेड

  • पेमेंट का प्रकार, जैसे एडवांस टैक्स

  • टैक्स की रकम, जिसमें लागू सरचार्ज और सेस शामिल हों


क्या एडवांस टैक्स एक खर्च है?

नहीं, एडवांस टैक्स को बिजनेस का खर्च नहीं माना जाता है। इसे टैक्स पेमेंट या एसेट माना जाता है और टैक्सपेयर की अंतिम टैक्स देनदारी के साथ एडजस्ट किया जाता है।


महत्वपूर्ण नोट

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल शिक्षा के उद्देश्य से है। कृपया नए कानूनों और नियमों के लिए किसी टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लें।