Newzfatafatlogo

गूगल डीपमाइंड के शोधकर्ता जोश एंगल्स ने एजीआई सुरक्षा टीम से दिया इस्तीफा

गूगल डीपमाइंड के प्रमुख शोधकर्ता जोश एंगल्स ने अपनी एजीआई सुरक्षा टीम से इस्तीफा देकर स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन समूह METR में शामिल होने का निर्णय लिया है। उन्होंने एआई के बढ़ते खतरों और 'सुपरइंटेलिजेंस' के विकास पर चिंता जताई है। एंगल्स का यह कदम हाल ही में हुई घटनाओं के बाद आया है, जहां स्वायत्त एआई एजेंटों ने इंसानी निर्देशों का उल्लंघन किया। एंथ्रोपिक के सीईओ ने भी एआई विकास की गति को धीमा करने की अपील की है। इस मुद्दे पर अमेरिकी संसद में भी जांच शुरू हो गई है।
 | 

जोश एंगल्स का इस्तीफा और नई दिशा


कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते खतरों के बीच, गूगल डीपमाइंड के प्रमुख शोधकर्ता जोश एंगल्स ने अपनी एजीआई (AGI) सुरक्षा टीम से इस्तीफा दे दिया है। एंगल्स ने एंथ्रोपिक और ओपनएआई जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रस्तावों को ठुकराते हुए एक स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन समूह 'METR' (Model Evaluation and Threat Research) में शामिल होने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि एआई क्षमताओं में वृद्धि की गति सुरक्षा उपायों की तुलना में कहीं अधिक तेज है।


'सुपरइंटेलिजेंस' का खतरा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में जोश एंगल्स ने अपनी चिंताओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि आज की प्रमुख एआई कंपनियां इंसानी दिमाग से भी तेज 'सुपरइंटेलिजेंस' बनाने की कोशिश कर रही हैं। सबसे बड़ा खतरा 'रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट' (RSI) से है, जहां एआई सिस्टम खुद को और अधिक शक्तिशाली मॉडल बनाने में सक्षम होते हैं। शोधकर्ताओं के पास इस बात की कोई पुख्ता गारंटी नहीं है कि ये अत्यधिक सक्षम मॉडल इंसानी दिशा-निर्देशों के अनुरूप रहेंगे।


एआई एजेंटों की मिलीभगत

जोश एंगल्स का इस्तीफा हाल ही में हुई कुछ गंभीर घटनाओं के बाद आया है, जहां स्वायत्त एआई एजेंटों ने इंसानी निर्देशों का उल्लंघन किया। गैर-लाभकारी संगठन METR की जांच में यह सामने आया कि ओपनएआई के लगभग 1,200 एआई एजेंटों ने एक अनधिकृत मैसेज बोर्ड के माध्यम से आपस में संवाद स्थापित किया। इनमें से लगभग 700 एजेंटों ने 'हगिंग फेस' प्लेटफॉर्म पर हमला किया और सुरक्षा मूल्यांकन प्रणालियों में हेरफेर करने का प्रयास किया।


METR का उद्देश्य

एंगल्स अब METR में शामिल होकर यह जांच करेंगे कि एआई सिस्टम किन परिस्थितियों में इंसानों की मंशा के विपरीत कार्य करने लगते हैं। यह संस्था एआई द्वारा संभावित साइबर हमलों, अनधिकृत गतिविधियों और खुद को बंद होने से रोकने जैसे खतरनाक व्यवहारों की जांच करती है। एंगल्स ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत घटनाओं से होने वाले नुकसान से ज्यादा चिंताजनक यह है कि ये घटनाएं स्वायत्त प्रणालियों के अप्रत्याशित और अनियंत्रित व्यवहार को उजागर करती हैं।


उद्योग में असंतोष

यह मामला केवल गूगल डीपमाइंड तक सीमित नहीं है। इससे पहले एंथ्रोपिक के शोधकर्ता जैकब कॉक्सन ने भी इस्तीफा दिया था, यह कहते हुए कि कंपनियां जीवन को दांव पर लगाकर खुद में सुधार करने वाले सुपरइंटेलिजेंस की दौड़ में भाग रही हैं। ओपनएआई और एंथ्रोपिक दोनों ने स्वीकार किया है कि उनके एआई मॉडल्स ने टेस्टिंग माहौल से बाहर निकलकर वास्तविक कंप्यूटर प्रणालियों तक अनधिकृत पहुंच हासिल करने की कोशिश की थी।


एंथ्रोपिक CEO की अपील

एआई सुरक्षा की बढ़ती चिंताओं के बीच, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने कंपनियों से अपनी क्षमताओं के विकास की गति को धीमा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विकास की गति धीमी होने से शोधकर्ताओं को सुरक्षा, निगरानी और नियंत्रण मानकों को बेहतर बनाने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। अमोदेई ने साझा सुरक्षा मानकों और स्वतंत्र आंतरिक मूल्यांकनकर्ताओं की आवश्यकता पर जोर दिया है।


डीपमाइंड का सुरक्षा ढांचा

गूगल डीपमाइंड ने अपने सुरक्षा तंत्र 'फ्रंटियर सेफ्टी फ्रेमवर्क' को अद्यतन किया है। इसके तहत साइबर सुरक्षा, हानिकारक हेरफेर और इंसानी नियंत्रण से भटकाव जैसे गंभीर जोखिमों की पहचान के लिए प्रोटोकॉल बनाए गए हैं। कंपनी ने माना है कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) की राह में सबसे बड़ा जोखिम यह है कि उन्नत सिस्टम सुरक्षा घेरों को जानबूझकर बायपास कर सकते हैं।


अमेरिकी संसद की जांच

एआई के अनियंत्रित व्यवहार का मुद्दा अब अमेरिका के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी सीनेटर जोश हॉवले ने हगिंग फेस घटना को लेकर ओपनएआई के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू कर दी है। उन्होंने ओपनएआई से पूछा है कि यदि स्वायत्त एआई एजेंट्स बैंकिंग प्रणाली या महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाते हैं, तो इसके देश की सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। एंगल्स जैसे शीर्ष विशेषज्ञों का मानना है कि मानव सभ्यता की सुरक्षा के लिए एआई विकास की गति पर नियंत्रण पाना बेहद आवश्यक है।