गूगल ने एंड्रॉयड ऐप्स के लिए नए कड़े क्वालिटी नियमों की घोषणा की
गूगल का नया कदम
नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी गूगल ने एंड्रॉयड ऐप्स और मोबाइल गेम्स की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने और अनावश्यक रैम (RAM) खपत को नियंत्रित करने के लिए नए सख्त गुणवत्ता मानकों की घोषणा की है। यह निर्णय वैश्विक स्तर पर मेमोरी चिप की आपूर्ति में बढ़ते दबाव और कीमतों के संदर्भ में लिया गया है। गूगल ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई ऐप निर्धारित सीमा से अधिक रैम या सिस्टम संसाधनों का उपयोग करता है, तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ये नए नियम फरवरी 2027 से प्रभावी होंगे।
स्मार्टफोन की गति बनाए रखना
फोन को स्लो होने से बचाना है मकसद
गूगल का कहना है कि स्मार्टफोन हार्डवेयर पर बढ़ते दबाव के कारण भविष्य में डिवाइस की मेमोरी उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। कभी-कभी एक भारी ऐप फोन की पूरी मेमोरी का उपयोग कर लेता है, जिससे बैकग्राउंड में चल रहे अन्य ऐप्स बंद हो जाते हैं और फोन धीमा हो जाता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए, गूगल प्ले अब कोड ऑप्टिमाइजेशन, बिटमैप मेमोरी (तस्वीरें/ग्राफिक्स) और डायनेमिक मेमोरी उपयोग जैसे तीन प्रमुख मानकों पर प्रदर्शन की सख्ती से जांच करेगा।
डेवलपर्स के लिए नए दिशा-निर्देश
डेवलपर्स को 25% तक ऑप्टिमाइज़ करना होगा ऐप कोड
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्ले स्टोर पर प्रकाशित होने वाले ऐप्स को R8 जैसे ऑप्टिमाइजेशन टूल्स का उपयोग करके कोड को कम से कम 25 प्रतिशत तक ऑप्टिमाइज करना होगा। डेवलपर्स की सहायता के लिए, गूगल प्ले कंसोल में 'एंड्रॉयड वाइटल्स' के तहत नए डायग्नोस्टिक टूल्स, मेमोरी क्रैश फिल्टर और निर्धारित सीमा पार होने पर रियल-टाइम अलर्ट जैसे फीचर्स जोड़े जा रहे हैं।
नियमों का प्रभाव
फरवरी 2027 से लागू होंगे नियम, प्ले स्टोर पर घट जाएगी विजिबिलिटी
फरवरी 2027 के बाद, जो ऐप्स या गेम्स गूगल के इन मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें गूगल प्ले स्टोर पर सर्च विजिबिलिटी में भारी गिरावट का सामना करना पड़ेगा और उनके नए अपडेट प्रकाशित करने पर भी रोक लगाई जा सकती है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने 'जीरो-टैप साइन-इन' मानक भी पेश किया है, जिसके तहत नया फोन बदलने पर यूजर के ऐप्स में उसका लॉगिन स्टेटस अपने आप बिना किसी परेशानी के रीस्टोर हो जाएगा।
