पीएम मोदी ने रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का विमोचन किया
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स' का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कोविंद के साथ अपने लंबे संबंधों को याद किया। पीएम मोदी ने उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान मिले मार्गदर्शन और स्नेह की सराहना की।
उन्होंने कहा कि कोविंद की आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए एक 'अनमोल विरासत' साबित होगी। उन्होंने लोगों से इस किताब को पढ़ने की अपील की ताकि वे कोविंद की जीवन यात्रा और उनके योगदान को समझ सकें। पीएम मोदी ने कहा, 'आज हम रामनाथ कोविंद जी की आत्मकथा के विमोचन का गवाह बन रहे हैं। मैं उन्हें लंबे समय से जानता हूं और उनके साथ बिताए समय को बहुत मूल्यवान मानता हूं।'
कोविंद की आत्मकथा का महत्व
Delighted to be a part of the release of former President Shri Ram Nath Kovind Ji’s autobiography, ‘Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles.’ This book reflects the true strengths and possibilities of Indian democracy.@ramnathkovind pic.twitter.com/6Uqn3gYBiv
— Narendra Modi (@narendramodi) August 12, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि कोविंद जी की आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर बनेगी। उन्होंने कहा कि यह किताब भारत के लोकतंत्र की जीत को दर्शाती है। कोविंद जी के जीवन के अनुभवों को समझने के लिए युवा पीढ़ी को इसे पढ़ना चाहिए।
कोविंद का व्यक्तिगत अनुभव
प्रधानमंत्री ने कोविंद जी के साथ अपनी मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी उन्होंने अपनी विनम्रता नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने गांव लौटने पर अपने शिक्षकों के पैर छुए और गांव की मिट्टी को नमन किया। यह दृश्य भारतीय संस्कृति की एक झलक प्रस्तुत करता है।
मोदी ने कहा कि कोविंद जी ने अपनी मां को खोने के दुखद अनुभव को साझा किया, जब उनकी मां ने घर में आग लगने पर सामान बचाने की कोशिश की। यह घटना उनके जीवन में एक गहरा प्रभाव छोड़ गई।
कोविंद का भावुक संबोधन
कोविंद ने कहा कि आत्मकथा का विमोचन उनके लिए एक भावुक पल था। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी किताब में अपने अनुभवों को साझा किया है और पाठकों को इसे पढ़ने के लिए आमंत्रित किया।
