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लैपटॉप की परफॉर्मेंस बढ़ाने के आसान तरीके

क्या आपका लैपटॉप धीमा चल रहा है? जानें कुछ सरल और प्रभावी उपाय जो बिना किसी खर्च के आपके लैपटॉप की परफॉर्मेंस को बेहतर बना सकते हैं। इस लेख में हम रीस्टार्ट करने, स्टार्टअप ऐप्स को बंद करने, और जंक फाइल्स को हटाने जैसे उपायों पर चर्चा करेंगे। इन तरीकों से आप अपने लैपटॉप को तेज और स्मूथ बना सकते हैं।
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लैपटॉप की गति में सुधार के उपाय


नई दिल्ली: यदि आपका लैपटॉप धीमा चल रहा है, ऐप्स खुलने में समय ले रहे हैं, या एक साथ कई कार्य करने पर लैग कर रहा है, तो हर बार नई रैम खरीदने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में डीडीआर5 रैम महंगी और सीमित उपलब्धता में है। ऐसे में कुछ सरल सिस्टम सेटिंग्स और सही मेमोरी प्रबंधन से बिना किसी खर्च के लैपटॉप की कार्यक्षमता में सुधार किया जा सकता है। रीस्टार्ट करने से लेकर अनावश्यक ऐप्स को बंद करने और जंक फाइल्स को हटाने तक कई आसान तरीके मददगार हो सकते हैं।


लैपटॉप को रीस्टार्ट करें:

कई उपयोगकर्ता अपने लैपटॉप को कई दिनों तक बंद या रीस्टार्ट नहीं करते हैं। इससे बैकग्राउंड में कई कार्य और अनावश्यक डेटा जमा हो जाते हैं, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ता है और लैपटॉप धीमा हो जाता है। लैपटॉप को रीस्टार्ट करने से जमा हुआ अनावश्यक कार्य साफ हो जाता है और सिस्टम नए सिरे से कार्य करना शुरू करता है। यदि लैपटॉप अचानक धीमा हो गया है, तो सबसे पहले उसे रीस्टार्ट करके देखें। यह एक सरल और त्वरित उपाय है।


स्टार्टअप ऐप्स को बंद करें:

कई ऐप्स और सॉफ्टवेयर ऐसे होते हैं जो लैपटॉप चालू होते ही अपने आप बैकग्राउंड में चलने लगते हैं। इससे बूटिंग में समय लगता है और रैम का अधिक उपयोग होता है। विंडोज में कंट्रोल + शिफ्ट + एस्केप दबाकर टास्क मैनेजर खोलें। स्टार्टअप टैब में जाकर उन ऐप्स को डिसेबल करें जिनकी तुरंत आवश्यकता नहीं है। इससे सिस्टम चालू होते समय अनावश्यक ऐप्स अपने आप नहीं चलेंगे और रैम की बचत होगी।


टास्क मैनेजर से अधिक रैम उपयोग करने वाले ऐप्स हटाएं:

विंडोज में टास्क मैनेजर और मैक में एक्टिविटी मॉनिटर का उपयोग करके देख सकते हैं कि कौन-सा ऐप सबसे अधिक रैम और सीपीयू का उपयोग कर रहा है। कभी-कभी मेमोरी लीक के कारण कोई ऐप जरूरत से ज्यादा रैम खा जाता है। ऐसे ऐप को पहचानकर वहीं से बंद कर दें। इससे यह पता चलता है कि लैपटॉप की मेमोरी पर सबसे अधिक दबाव किस कारण से पड़ रहा है। नियमित रूप से इसे चेक करते रहने से परफॉर्मेंस में सुधार होता है।


ब्राउजर टैब और बैकग्राउंड ऐप्स पर नियंत्रण रखें:

एक साथ बहुत सारे ब्राउजर टैब और भारी ऐप्स खोले रखने से रैम पर काफी दबाव पड़ता है। जिन ऐप्स पर काम नहीं हो रहा है, उन्हें पूरी तरह बंद कर दें। केवल मिनिमाइज करने से रैम नहीं बचती। गूगल क्रोम और अन्य ब्राउजर में मेमोरी सेविंग फीचर होते हैं, उनका उपयोग करें। मल्टीटास्किंग के दौरान गैर-जरूरी टैब और ऐप्स बंद रखने से सिस्टम काफी स्मूथ चलता है।


जंक फाइल्स हटाकर स्टोरेज खाली रखें:

जब रैम पूरी भर जाती है, तो ऑपरेटिंग सिस्टम स्टोरेज की खाली जगह को वर्चुअल मेमोरी के रूप में उपयोग करता है। इसलिए स्टोरेज में पर्याप्त खाली जगह होना आवश्यक है। टेम्पररी और जंक फाइल्स को नियमित रूप से हटाते रहें। विंडोज में डिस्क क्लीनअप या स्टोरेज सेंस का उपयोग कर सकते हैं। इससे लैपटॉप को कार्य करने के लिए जगह मिलती है और सिस्टम अधिक स्मूथ चलता है।