श्रीदेवी का अनोखा सफर: बाल कलाकार से रोमांटिक हीरोइन तक
श्रीदेवी का जन्मदिन
श्रीदेवी का जन्मदिन: भारतीय सिनेमा में श्रीदेवी का नाम एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की और बाद में हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी पहचान बनाई। उनके करियर में कई यादगार भूमिकाएँ रहीं, लेकिन उनके शुरुआती दिनों का एक किस्सा आज भी लोगों को चौंकाता है।
जब रिश्तों का समीकरण बदला
श्रीदेवी ने बहुत कम उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। साउथ इंडियन फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में पहचान बनाने के बाद, उन्हें बड़े नामों के साथ काम करने के अवसर मिले। इसी क्रम में उनका नाम प्रसिद्ध अभिनेता एनटी रामाराव के साथ जुड़ा।
दिलचस्प बात यह है कि श्रीदेवी ने पहले एनटी रामाराव की पोती का किरदार निभाया और बाद में उनके साथ एक रोमांटिक भूमिका में नजर आईं। यह बदलाव उस समय की फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग और कहानी कहने के तरीके पर चर्चा का विषय बना।
एक ही जोड़ी में पोती से प्रेमिका तक का सफर
1972 में आई फिल्म 'बडी पंथुलु' में श्रीदेवी ने एनटी रामाराव की पोती का किरदार निभाया था। उस समय उनकी उम्र लगभग 8-9 साल थी।
कुछ साल बाद, श्रीदेवी ने एनटी रामाराव के साथ एक फिल्म में काम किया, जिसमें दोनों को रोमांटिक अंदाज में पेश किया गया। उस समय एनटी रामाराव की उम्र लगभग 55 साल थी, जबकि श्रीदेवी लगभग 15 साल की थीं।
बारिश में फिल्माया गया चर्चित गाना
उन पर फिल्माया गया गाना 'आकु चाटु पिंदे तडे' भी काफी प्रसिद्ध हुआ। इस गाने के फिल्मांकन में बारिश और रोमांटिक दृश्यों का उपयोग किया गया था। हालांकि, इस गाने को पसंद किया गया, लेकिन इतनी कम उम्र की श्रीदेवी के साथ एनटी रामाराव की जोड़ी पर सवाल भी उठे।
आज के दृष्टिकोण से यह मामला और भी असहज लगता है, क्योंकि उस समय श्रीदेवी नाबालिग थीं। उस समय की फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह की कास्टिंग पर आज जैसी बहस नहीं होती थी।
श्रीदेवी का फिल्मी सफर
इन शुरुआती फिल्मों ने श्रीदेवी को दक्षिण भारतीय सिनेमा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया। बाल कलाकार से मुख्य अभिनेत्री बनने तक का उनका सफर तेजी से आगे बढ़ा और उनकी प्रतिभा की चर्चा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी होने लगी।
बाद में श्रीदेवी ने बॉलीवुड में कदम रखा और ऐसी ऊंचाइयों को छुआ, जिनकी वजह से उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में गिना गया। उनके करियर का यह प्रारंभिक अध्याय आज भले ही चौंकाने वाला लगे, लेकिन यह उस समय की फिल्म इंडस्ट्री में प्रचलित कास्टिंग और उम्र के अंतर वाली जोड़ियों की एक दिलचस्प मिसाल है।
