Newzfatafatlogo

सीतापुर अस्पताल के बाहर जाम पर पुलिस और भाजपा नेता के बीच तीखी बहस

सीतापुर में अस्पताल के बाहर जाम की समस्या ने पुलिस और भाजपा जिलाध्यक्ष के बीच तीखी बहस को जन्म दिया। चौकी इंचार्ज स्वाति चतुर्वेदी ने जाम की स्थिति पर नाराजगी जताई, जबकि जिलाध्यक्ष ने समस्या का समाधान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस घटना में मरीजों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और अस्पताल में मरीजों की स्थिति के बारे में।
 | 

सीतापुर में जाम की समस्या


सीतापुर। 'स्वाति जी, अस्पताल के गेट पर जाम लग गया है, पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। कई एंबुलेंस भी फंसी हुई हैं।' यह सुनकर चौकी इंचार्ज स्वाति चतुर्वेदी भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ल पर भड़क गईं। उन्होंने कहा कि आप मेरा वीडियो बना रहे हैं, जाइए मुझे निलंबित करा दीजिए, इससे ज्यादा आप कुछ नहीं कर सकते।


इस पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि आप मेरी बात सुनिए, हम आपका वीडियो क्यों बनाएंगे? समस्या बताना तो आपका काम है। इस पर स्वाति और भी उग्र हो गईं और कहा कि हमारी पोस्टमार्टम में ड्यूटी लगी है, यह हमारा काम नहीं है। लगभग तीस मिनट की बातचीत के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष वहां से लौट गए और इस मामले की जानकारी एसपी अंकुर अग्रवाल को दी।


अस्पताल में मरीजों की कठिनाई

गोद में ले जाते दिखे मरीज


अस्पताल के गेट पर ई-रिक्शा के कारण जाम इतना बढ़ गया कि एंबुलेंस भी अस्पताल में नहीं पहुंच पाई। तीमारदारों को मरीजों को गोद में लेकर जाना पड़ा। अस्पताल आने वाले मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम हटाने के लिए पुलिस कर्मी भी नजर नहीं आए।


शिकायत के लिए कोतवाली जाने की सलाह

कोतवाली जाकर करें शिकायत




जिला अस्पताल में दवा लेने आईं अर्चना शुक्ला की चेन छीन ली गई। जब उन्होंने अस्पताल चौकी में शिकायत की, तो वहां मौजूद दारोगा स्वाति चतुर्वेदी ने प्रार्थना पत्र लेने से मना कर दिया और कहा कि उन्हें कोतवाली जाना चाहिए।