स्मार्टफोन कैमरे में 50 मेगापिक्सल और 12 मेगापिक्सल की तस्वीरों का रहस्य
कैमरे के मेगापिक्सल पर ध्यान
नई दिल्ली: आजकल जब लोग स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो वे कैमरे के मेगापिक्सल पर विशेष ध्यान देते हैं। फोन के बॉक्स पर 50 मेगापिक्सल का उल्लेख देखकर उपभोक्ताओं को लगता है कि हर तस्वीर 50 मेगापिक्सल की होगी। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि फोन 50 मेगापिक्सल पर तस्वीर खींचने के बाद उसे 12 या 12.5 मेगापिक्सल पर सेव करता है। यदि आपके फोन में भी ऐसा हो रहा है, तो चिंता की कोई बात नहीं है।
50 मेगापिक्सल कैमरा 12 मेगापिक्सल तस्वीर क्यों बनाता है?
फोन के कैमरा सेंसर में लाखों छोटे पिक्सल होते हैं। 50 मेगापिक्सल कैमरे में लगभग 5 करोड़ पिक्सल होते हैं। लेकिन हर तस्वीर में इन सभी पिक्सल का उपयोग नहीं किया जाता। इसके बजाय, फोन कई पिक्सल को मिलाकर एक बड़ा पिक्सल बनाता है। इस प्रक्रिया को Pixel Binning कहा जाता है।
सरल शब्दों में, कैमरा कई छोटे पिक्सल को मिलाकर एक बड़ा पिक्सल बनाता है, जिससे कम रोशनी में भी अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
Pixel Binning की प्रक्रिया
मान लीजिए आपके कैमरा सेंसर में चार छोटे पिक्सल हैं। फोन इन चारों पिक्सल से मिली जानकारी को मिलाकर एक पिक्सल के रूप में उपयोग कर सकता है। यदि 50 मेगापिक्सल कैमरे में चार-चार पिक्सल को मिलाकर एक पिक्सल बनाया जाता है, तो फोटो का आउटपुट लगभग 12.5 मेगापिक्सल हो जाता है। यही कारण है कि आपके फोन की गैलरी में 50 मेगापिक्सल कैमरे से खींची गई सामान्य तस्वीर 12 मेगापिक्सल या 12.5 मेगापिक्सल की दिखाई दे सकती है।
कंपनियों का दृष्टिकोण
अब सवाल यह है कि जब फोन में 50 मेगापिक्सल सेंसर है, तो कंपनियां हमेशा 50 मेगापिक्सल की तस्वीरें क्यों नहीं देतीं? इसका मुख्य कारण फोटो की गुणवत्ता है। Pixel Binning में कई पिक्सल की जानकारी एक साथ मिलती है, जिससे कैमरा सेंसर को रोशनी के बारे में अधिक जानकारी मिलती है। विशेष रूप से रात में या कम रोशनी में इसका लाभ अधिक होता है।
इसका मतलब है कि फोन केवल अधिक मेगापिक्सल दिखाने के बजाय ऐसी तस्वीरें देने की कोशिश करता है जो दैनिक उपयोग में बेहतर दिखें। इसके अलावा, 12 मेगापिक्सल की तस्वीरें फोन की स्टोरेज को भी बचाती हैं।
क्या 50 मेगापिक्सल की तस्वीरें खींचना संभव है?
हां, अधिकांश 50 मेगापिक्सल कैमरा वाले स्मार्टफोन में 50 मेगापिक्सल या हाई रेजोल्यूशन मोड होता है। इस मोड को कैमरा ऐप में जाकर सक्रिय किया जा सकता है। यदि आपको तस्वीर में अधिक बारीकी चाहिए, तो यह मोड उपयोगी हो सकता है।
हालांकि, इस मोड में खींची गई तस्वीर की फाइल सामान्य तस्वीरों की तुलना में काफी बड़ी हो सकती है। इसलिए हर तस्वीर को 50 मेगापिक्सल में खींचना आवश्यक नहीं है।
50 मेगापिक्सल मोड का उपयोग कब करें?
यदि आप दिन के समय अच्छी रोशनी में तस्वीरें खींच रहे हैं और आपको अधिक बारीकी चाहिए, तो 50 मेगापिक्सल मोड का उपयोग किया जा सकता है। वहीं, रात में या कम रोशनी में सामान्य कैमरा मोड बेहतर परिणाम दे सकता है।
क्या 12 मेगापिक्सल तस्वीरें खराब गुणवत्ता की होती हैं?
यदि आपके 50 मेगापिक्सल स्मार्टफोन से खींची गई तस्वीरें 12 या 12.5 मेगापिक्सल की दिखाई देती हैं, तो इसे कैमरे की खराबी न समझें। यह स्मार्टफोन कैमरे की सामान्य तकनीक हो सकती है। फोन फोटो की गुणवत्ता, रोशनी, फाइल का आकार और फोटो सेव होने की गति के बीच संतुलन बनाने के लिए Pixel Binning का उपयोग करता है।
इसलिए अगली बार जब आप 50 मेगापिक्सल कैमरे से 12 मेगापिक्सल की तस्वीर देखें, तो परेशान न हों। यदि आपको वास्तव में पूरी 50 मेगापिक्सल क्षमता का उपयोग करना है, तो कैमरा ऐप में जाकर 50 मेगापिक्सल या हाई रेजोल्यूशन मोड को सक्रिय करें।
