हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल: स्थिति और बिगड़ने की आशंका
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहरों में कूड़े का ढेर
हरियाणा में सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जो अब 16वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को 24 अगस्त तक बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण शहरों में जगह-जगह कूड़ा जमा हो गया है। कई प्रमुख सड़कों और गलियों में कूड़े के ढेरों के कारण लोगों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हो रही है। डंपिंग प्वाइंट्स की संख्या बढ़ने से गंदगी का अंबार लग गया है।
हड़ताल बढ़ाने का कारण
फतेहाबाद शहर सहित पूरे प्रदेश में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। नगर परिषद क्षेत्र में कूड़े के ढेर लग गए हैं और कई स्थान डंपिंग प्वाइंट में बदल गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
फतेहाबाद नगर पालिका संघ के प्रधान नरेश राणा ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री का संदेश कर्मचारियों को पढ़कर सुनाया गया, जिसमें हड़ताल को 24 अगस्त तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
स्थानीय लोगों की समस्याएं
कूड़े से उठ रही दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कई बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर बिना नाक ढके गुजरना कठिन हो गया है। गंदगी का असर व्यापार पर भी पड़ा है, जिससे बाजारों में ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। दुकानदारों का कहना है कि कूड़े और दुर्गंध के कारण ग्राहक बाजारों में आने से बच रहे हैं।
प्रशासन की निष्क्रियता
हड़ताल के कारण बिगड़ती सफाई व्यवस्था के बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। शहर में जमा कूड़ा अब न केवल परेशानी का कारण बन रहा है, बल्कि संभावित स्वास्थ्य जोखिम भी उत्पन्न कर रहा है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के 16 दिन बीत चुके हैं और इसे 24 अगस्त तक बढ़ाने से शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
