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बच्चों की भावनाओं को समझने का अनोखा खेल

क्या आप जानना चाहते हैं कि आपका बच्चा परिवार के सदस्यों के प्रति क्या सोचता है? एक सरल और मजेदार खेल 'सपनों का घर' के माध्यम से आप उनकी भावनाओं को समझ सकते हैं। इस खेल में बच्चे को एक जादुई घर बनाने के लिए कहा जाता है, जिसमें वह तय करता है कि कौन-कौन से लोग उसमें रहेंगे। इस प्रक्रिया में, आप जान सकते हैं कि बच्चा किसे अपने करीब मानता है और किससे वह दूर है। जानें इस खेल के माध्यम से बच्चे की भावनाओं को समझने के तरीके और महत्वपूर्ण सवाल जो पूछे जाने चाहिए।
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बच्चों की भावनाओं को जानने का सरल तरीका

यदि आप जानना चाहते हैं कि आपका बच्चा परिवार के सदस्यों के प्रति क्या सोचता है, तो सीधे सवाल पूछने के बजाय एक मजेदार खेल खेलें। छोटे बच्चों से सीधे पूछने पर उनकी असली भावनाएं प्रकट नहीं होतीं। उदाहरण के लिए, जब आप 6 साल के बच्चे से पूछते हैं, "क्या तुम अपने पापा से प्यार करते हो?" तो वह सामान्यतः "हां" ही कहेगा। इसी तरह, दादी या आंटी के बारे में पूछने पर भी उसका उत्तर वही हो सकता है। यह इसलिए होता है क्योंकि बच्चे को यह समझ में आ जाता है कि सही उत्तर यही है, अन्यथा मां नाराज हो सकती हैं।


खेल 'सपनों का घर' खेलें

बच्चे की भावनाओं को समझने के लिए एक अलग दृष्टिकोण अपनाया जा सकता है। बच्चे से कहें, "चलो एक जादुई घर बनाते हैं, जिसमें तुम बड़े होकर रहोगे। यह एक बड़ा घर होगा जिसमें 10 कमरे होंगे। तुम तय करोगे कि किस कमरे में कौन रहेगा, लेकिन इसमें केवल सबसे महत्वपूर्ण लोगों के लिए जगह होगी।" इसके बाद बच्चे को एक खाली कागज और पेंसिल दें। कागज पर एक बड़ा आयत बनाकर उसे 10 कमरों में बांट दें। फिर बच्चे को कोई और संकेत न दें और चुपचाप देखें कि वह किसे घर में जगह देता है।


घर के कमरों से क्या संकेत मिलता है?

इस खेल के दौरान यह देखना महत्वपूर्ण है कि घर में कौन आया, किसे कहां रखा गया और कौन किसके साथ रहता है। यदि बच्चा किसी रिश्तेदार, जैसे दादी या दादा को घर में जगह नहीं देता, तो यह उनके बीच भावनात्मक दूरी का संकेत हो सकता है। वहीं, बच्चा जिन लोगों के पास खुद को रखता है, उनके साथ वह अधिक जुड़ाव महसूस कर सकता है। कमरे की दूरी भी भावनात्मक दूरी का संकेत देती है।


खेल के बाद पूछें ये सवाल

जब घर बनकर तैयार हो जाए, तो बच्चे से तीन सवाल पूछें। पहला सवाल है, "तुम्हारे घर में हर दिन स्वादिष्ट खाना कौन बनाएगा?" इससे यह पता चलता है कि बच्चा किसे अपनी देखभाल करने वाला मानता है। दूसरा सवाल है, "तुम्हें नई और दिलचस्प चीजें कौन सिखाएगा?" यह जानने में मदद करता है कि बच्चा किसे अपने सीखने का स्रोत मानता है। तीसरा सवाल है, "अगर रात में तुम्हें डर लगे, तो तुम किसके पास जाओगे?" यह बताता है कि बच्चा किसे अपनी सुरक्षा का स्रोत मानता है।


अगर बच्चा हर सवाल का जवाब 'मां' दे?

यदि बच्चा तीनों सवालों के जवाब में मां का नाम लेता है, तो इसका मतलब हो सकता है कि मां बच्चे की भावनात्मक जरूरतों का मुख्य सहारा हैं। 5 साल तक की उम्र में ऐसा होना सामान्य है, लेकिन 7 साल के बाद भी ऐसा होना चिंता का विषय हो सकता है। इस स्थिति में पिता का भी बच्चे की नजर में सुरक्षा देने वाले व्यक्ति के रूप में आना आवश्यक है।


अगर बच्चा किसी करीबी को घर में जगह नहीं देता?

यदि बच्चा परिवार के किसी करीबी सदस्य को घर में जगह नहीं देता, तो यह एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। उदाहरण के लिए, यदि वह पापा को घर में जगह नहीं देता, तो यह बच्चे और पिता के बीच भावनात्मक दूरी को दर्शा सकता है।


खेल के बाद इन गलतियों से बचें

इस खेल के बाद तीन गलतियों से बचना चाहिए। पहली, बच्चे को यह न बताएं कि आपने खेल के जरिए उसकी भावनाओं को समझ लिया है। दूसरी, रिश्तेदारों को यह न बताएं कि बच्चे ने उन्हें किस कमरे में रखा था। तीसरी, यदि बच्चे ने किसी करीबी को घर में जगह नहीं दी है, तो उस पर सवालों की बौछार न करें।


निष्कर्ष

इस खेल से मिली जानकारी को बच्चे के भावनात्मक रिश्तों का एक नक्शा माना जा सकता है। यदि पिता बच्चे की बनाई तस्वीर में लगातार गायब हैं, तो उन्हें बच्चे के साथ अधिक समय बिताने की कोशिश करनी चाहिए।