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आज के समय में इलाज योग्य बीमारियों की सूची

इस लेख में हम उन बीमारियों के बारे में चर्चा करेंगे जिनका इलाज आज के चिकित्सा विज्ञान में संभव है। टीबी, कुष्ठ रोग, और हेपेटाइटिस C जैसी बीमारियों का उपचार अब आसानी से किया जा सकता है। जानें कि कैसे चिकित्सा में हुई प्रगति ने इन बीमारियों के सर्वाइवल रेट को बढ़ाया है और किस प्रकार के कैंसर का इलाज भी अब संभव है।
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बीमारियों का इलाज अब संभव

अतीत में कई ऐसी बीमारियाँ थीं जिनका उपचार संभव नहीं था, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की जान चली जाती थी। हालांकि, अब कुछ बीमारियों का सर्वाइवल रेट काफी बढ़ गया है, जैसे कि कुष्ठ रोग, टीबी, और हेपेटाइटिस C। आइए जानते हैं उन बीमारियों के बारे में जिनका इलाज आज के चिकित्सा विज्ञान में संभव है।


वर्तमान में चिकित्सा क्षेत्र में इतनी प्रगति हो चुकी है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज भी संभव हो गया है। हम आपको उन बीमारियों के बारे में जानकारी देंगे जिनका उपचार अब आसानी से किया जा सकता है।


इन बीमारियों का इलाज मुमकिन है

ट्यूबरक्लोसिस (TB)


टीबी पहले एक जानलेवा बीमारी मानी जाती थी, लेकिन अब इसका इलाज पूरी तरह संभव है। भारत सरकार टीबी मुक्त भारत अभियान पर कार्य कर रही है। टीबी का उपचार 90% तक सफल हो सकता है। WHO की Global TB Report के अनुसार, भारत में हर 1 लाख लोगों में लगभग 187 लोग टीबी से प्रभावित होते हैं। एक समय था जब इसे लाइलाज माना जाता था।


कुष्ठ रोग


कुष्ठ रोग को पहले लाइलाज समझा जाता था, लेकिन अब इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मल्टीड्रग थेरेपी (MDT) के माध्यम से इसे ठीक किया जा सकता है। MDT बैक्टीरिया को समाप्त करके मरीज को पूरी तरह स्वस्थ करता है। यदि समय पर उपचार नहीं किया गया, तो यह पेरिफेरल नर्वस को नुकसान पहुंचा सकता है।


हेपेटाइटिस सी


हेपेटाइटिस C एक वायरल संक्रमण है जो लिवर को प्रभावित करता है, जिससे लिवर में सूजन होती है। इसके लक्षण प्रारंभ में दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। पहले इसका प्रभावी इलाज नहीं था, लेकिन अब 95% मामलों में इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इसका उपचार 6 से 12 हफ्तों में होता है।


एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया कैंसर (ALL)


यह बच्चों में होने वाला सबसे सामान्य कैंसर है, जो मुख्य रूप से बोन मैरो को प्रभावित करता है। पहले इसका इलाज संभव नहीं था, लेकिन अब सर्वाइवल रेट 90% तक बढ़ गया है। यदि बच्चे को समय पर उपचार मिल जाए, तो वह इससे पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। केवल एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया ही नहीं, बल्कि कई प्रकार के कैंसर का इलाज अब संभव है। प्रारंभिक अवस्था में कैंसर का पता चलने पर ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।