ऑफिस में खाने की आदतें: शुगर लेवल को कैसे नियंत्रित करें
खाने की आदतों में बदलाव
आजकल ऑफिस में हमारी खाने-पीने की आदतें काफी बदल गई हैं। भागदौड़ के चलते कई लोग नाश्ता करना भूल जाते हैं और लंच भी नहीं कर पाते। इसके बजाय, वे चाय, कॉफी, चिप्स और बिस्कुट का सेवन करते हैं। ये चीजें नियमित भोजन की तरह लगती हैं, लेकिन शरीर इनका जवाब देता है। इनका सेवन करने से शरीर में शुगर का स्तर बढ़ता है और मेटाबॉलिज्म पर भी असर पड़ता है।
डायबिटीज का बढ़ता खतरा
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IMCR) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 101 मिलियन लोग डायबिटीज से प्रभावित हैं, जबकि 136 मिलियन लोग प्री डायबिटीज के शिकार हैं। यह समस्या केवल बुजुर्गों में नहीं, बल्कि 20 से 30 साल के युवाओं में भी देखी जा रही है। आइए, इस विषय पर डॉक्टर की राय जानते हैं।
अनहेल्दी स्नैक्स और इंसुलिन
दिल्ली के अपोलो अस्पताल के सीनियर डॉक्टर Dr S K Wangnoo के अनुसार, स्वस्थ नाश्ता शरीर के लिए आवश्यक है। लेकिन अनहेल्दी स्नैक्स के सेवन से शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ता है, क्योंकि इनमें रिफाइंड शुगर, फैट और कार्बोहाइड्रेट की अधिकता होती है। इंसुलिन एक हार्मोन है जो पैंक्रियाज द्वारा निर्मित होता है और इसका कार्य ब्लड स्ट्रीम से ग्लूकोज को सेल्स तक पहुंचाना है। जब हम कार्बोहाइड्रेट का सेवन करते हैं, तो इंसुलिन का स्तर बढ़ता है।
लगातार स्नैक्स का सेवन
जब हम कुछ खाते हैं, तो इंसुलिन का स्तर बढ़ता है और फिर सामान्य हो जाता है। लेकिन यदि आप लगातार कुछ खाते रहते हैं, तो शरीर को ब्रेक नहीं मिलता। इससे सेल्स इंसुलिन के प्रति रेजिस्टेंट हो जाते हैं, जिसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहा जाता है। इससे प्री डायबिटीज और बाद में डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
तनाव और नींद की कमी
अधिकतर लोग अपने डेस्क पर 8 से 12 घंटे बिताते हैं, जिससे शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। इसके अलावा, छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेना भी आम है। तनाव के कारण मीठा खाने की इच्छा बढ़ जाती है, जिससे शरीर में शुगर का स्तर बढ़ता है।
ऑफिस में प्रोसेस्ड फूड और चिप्स के बजाय हेल्दी स्नैक्स जैसे नट्स, सीड्स, फल, दही, भूना हुआ चना और स्प्राउट्स का सेवन करें। इनमें फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट होते हैं, जो भूख को नियंत्रित करते हैं और शुगर के स्तर को संतुलित रखते हैं।
