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कूलर से आने वाली बदबू से छुटकारा पाने के आसान उपाय

गर्मी और मॉनसून के मौसम में एयर कूलर से आने वाली बदबू एक आम समस्या है। इस लेख में, हम आपको बताएंगे कि कैसे आप अपने कूलर को बिना महंगे केमिकल्स के ताजा और साफ रख सकते हैं। जानें सफाई के आसान तरीके, जैसे कि बेकिंग सोडा, नीम का तेल और सफेद सिरका का उपयोग। ये उपाय न केवल बदबू को खत्म करेंगे, बल्कि आपके कूलर की कार्यक्षमता को भी बढ़ाएंगे।
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गर्मी और मॉनसून में कूलर की सफाई

नई दिल्ली: गर्मियों और बारिश के मौसम में एयर कूलर एक राहत का साधन होता है, लेकिन जब बारिश शुरू होती है, तो अक्सर इसमें से सीलन, फफूंद और गंदे पानी की तीखी गंध आने लगती है। मॉनसून के दौरान हवा में नमी बढ़ने से कूलर के टैंक और घास में बैक्टीरिया, काई और फफूंद तेजी से विकसित होने लगते हैं। जब कूलर चालू होता है, तो यह गंदगी भरी हवा पूरे कमरे में फैल जाती है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस समस्या का समाधान महंगे केमिकल्स की आवश्यकता नहीं है; घर में मौजूद कुछ साधारण चीजों से कूलर को मिनटों में ताजा किया जा सकता है।


कूलर की गंदगी और काई की सफाई

कूलर से आने वाली दुर्गंध को खत्म करने के लिए सबसे पहले इसकी सफाई करना आवश्यक है। इसके लिए कूलर का प्लग निकालकर टैंक में जमा पुराना गंदा पानी बाहर निकालें। फिर टैंक के अंदर सफेद सिरका डालकर उसे एक घंटे के लिए छोड़ दें। समय पूरा होने पर, पुराने ब्रश या स्क्रबर से काई और गंदगी को हल्के हाथों से रगड़कर साफ करें और फिर साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। धुलाई के बाद, टैंक में साफ पानी भरते समय उसमें फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा डालें, जिससे पानी में बैक्टीरिया और काई का जमाव नहीं होगा।


बेकिंग सोडा और नीम का तेल

कूलर की सड़न भरी गंध को तुरंत खत्म करने के लिए बेकिंग सोडा एक प्रभावी उपाय है। पानी की टंकी में दो बड़े चम्मच बेकिंग सोडा और आठ से दस बूंद नीम का तेल या थोड़ा कपूर मिलाएं। बेकिंग सोडा पानी में पनपने वाली फफूंद और गंदगी को निष्क्रिय कर देता है, जबकि नीम का तेल मच्छरों के लार्वा और बैक्टीरिया को खत्म करता है। इसके अलावा, टंकी में पानी भरते समय लेमनग्रास, नीलगिरी या लेवेंडर एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें मिलाने से पूरे कमरे में एक ताजगी भरी खुशबू फैल जाती है।


घास और पैड्स की सफाई

कई बार कूलर की बदबू टैंक के बजाय साइड में लगे घास या हनीकॉम्ब पैड्स से आती है। इससे निपटने के लिए एक लीटर पानी में दो चम्मच सफेद सिरका और थोड़ा डिटॉल मिलाकर स्प्रे बोतल में भरें और पैड्स पर छिड़कें। यह घोल पैड्स पर चिपके कीटाणुओं को नष्ट कर देता है। मॉनसून में पानी को हफ्तों तक सड़ने से बचाने के लिए हर दो से तीन दिन में पुराना पानी निकालकर टैंक को धूप में हल्का सुखाएं और नया पानी भरें, ताकि नमी के मौसम में भी ठंडी और ताजा हवा का आनंद लिया जा सके।