क्या प्रदूषित हवा में कसरत करना सुरक्षित है?
वायु प्रदूषण और कसरत का संबंध
बढ़ती जनसंख्या और संसाधनों की मांग के चलते वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। विशेषकर दिल्ली जैसे शहरों में, जहां वायु की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। ऐसे में, व्यस्त जीवनशैली के बीच लोग कसरत करने की सलाह पर विचार कर रहे हैं, लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या प्रदूषित हवा में व्यायाम करना फायदेमंद है या हानिकारक। इस विषय पर हालिया अध्ययन के नतीजे चौंकाने वाले हैं।
वायु प्रदूषण का स्वास्थ्य पर प्रभाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 99% वैश्विक आबादी प्रदूषित हवा में सांस ले रही है, जिससे हर साल 67 लाख लोगों की अकाल मृत्यु होती है। इंपीरियल कॉलेज लंदन की प्रोफेसर ऑड्री डी नजेल के अनुसार, वायु प्रदूषण केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हृदय रोग, मधुमेह, मानसिक स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित करता है। विशेष रूप से PM2.5 और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसे प्रदूषक मस्तिष्क तक पहुंचकर पार्किंसंस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।
तेज कसरत और प्रदूषण
जब हम दौड़ते हैं या साइकिल चलाते हैं, तो हमारी सांसें तेज और गहरी हो जाती हैं। तेज व्यायाम करते समय, हम अधिक हवा खींचते हैं, जिससे फेफड़ों में जहरीले कणों की मात्रा बढ़ जाती है। दिलचस्प है कि कार में यात्रा करने वाले लोग भी प्रदूषण से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, क्योंकि वहां भी प्रदूषक जमा होते हैं।
प्रदूषित हवा में व्यायाम के लाभ और हानि
शोधकर्ताओं का कहना है कि कई शहरों में प्रदूषित वातावरण के बावजूद शारीरिक गतिविधियों के लाभ इसके दुष्प्रभावों से अधिक होते हैं। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और इंपीरियल कॉलेज के अध्ययनों में पाया गया कि प्रदूषित हवा में व्यायाम करने वाले लोगों में असामयिक मृत्यु का जोखिम 26% कम होता है। हालांकि, दिल्ली जैसे अत्यधिक प्रदूषण वाले शहरों में लंबे समय तक बाहर व्यायाम करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
विशेष सावधानी की आवश्यकता
अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी या हृदय रोग से ग्रसित व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। 2018 के एक अध्ययन में पाया गया कि प्रदूषित सड़कों पर टहलने से बुजुर्गों और श्वसन रोगियों की फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार के बजाय उनके लक्षण बिगड़ गए। इसके विपरीत, हरे-भरे पार्कों में टहलने से स्वास्थ्य में सुधार देखा गया। अत्यधिक प्रदूषण व्यायाम के मानसिक और शारीरिक लाभों को कम कर सकता है।
प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के उपाय
शहरों में वायु प्रदूषण के संपर्क को कम करने के लिए कुछ सरल उपाय:
भीड़भाड़ से बचें: मुख्य सड़क से 1-2 गली अंदर जाने पर प्रदूषण का स्तर 20% से 30% तक कम हो जाता है।
समय का चयन करें: सुबह और शाम के व्यस्त समय में बाहर जाने से बचें।
AQI की जांच करें: बाहर जाने से पहले स्थानीय एयर क्वालिटी इंडेक्स की जांच करें।
