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क्या स्विमिंग से पीरियड्स रुक जाते हैं? जानें सचाई

क्या स्विमिंग करने से पीरियड्स का ब्लीडिंग रुक जाता है? यह एक सामान्य भ्रांति है, जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गलत बताया है। जानें कि पानी का दबाव कैसे मासिक धर्म के फ्लो को प्रभावित करता है और क्या स्विमिंग के दौरान सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि पीरियड्स के दौरान तैराकी करना फायदेमंद हो सकता है और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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स्विमिंग और पीरियड्स: भ्रांतियों का सच


नई दिल्ली: मासिक धर्म से जुड़ी कई भ्रांतियां आज भी समाज में फैली हुई हैं। इनमें से एक यह है कि स्विमिंग करने से पीरियड्स का ब्लीडिंग रुक जाता है। इस सोच के चलते कई महिलाएं और लड़कियां अपने पीरियड्स के दौरान तैराकी से बचती हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा गलत है। इसके पीछे शरीर के विज्ञान का एक कारण है, जो पीरियड्स के रुकने से संबंधित नहीं है। आइए जानते हैं इसके बारे में।


पानी का दबाव और पीरियड्स का फ्लो

विशेषज्ञों के अनुसार, जब कोई महिला पानी में जाती है, तो उसके शरीर पर हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर का प्रभाव पड़ता है। यह दबाव कुछ समय के लिए मासिक धर्म के रक्त के बाहर आने की गति को धीमा कर सकता है। इसलिए कई महिलाएं महसूस करती हैं कि उनका पीरियड्स रुक गया है। लेकिन जैसे ही वे पानी से बाहर आती हैं, गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव सामान्य हो जाता है और ब्लीडिंग फिर से शुरू हो जाती है। इसका मतलब है कि स्विमिंग से पीरियड्स नहीं रुकते, बल्कि केवल थोड़े समय के लिए फ्लो कम महसूस होता है।


पीरियड्स के दौरान स्विमिंग के लिए सुरक्षा उपाय

यदि कोई महिला पीरियड्स के दौरान तैराकी करना चाहती है, तो विशेषज्ञ टैम्पॉन या मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग करने की सलाह देते हैं। ये विकल्प रक्त को बाहर आने से रोकने में मदद करते हैं। वहीं, केवल सैनिटरी पैड का उपयोग करना प्रभावी नहीं होता, क्योंकि पानी में पैड भीग जाता है और यह पर्याप्त सुरक्षा नहीं प्रदान करता।


स्विमिंग के फायदे

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि पीरियड्स के दौरान स्विमिंग कई महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकती है। हल्की शारीरिक गतिविधि से एंडॉर्फिन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे मूड में सुधार होता है और पीरियड्स के दौरान होने वाली ऐंठन में राहत मिल सकती है। यह शरीर को सक्रिय रखने में भी मदद करती है।


डॉक्टर से सलाह लें

हालांकि, यदि किसी महिला को अत्यधिक ब्लीडिंग, तेज दर्द, या चक्कर आने जैसी समस्याएं हैं, तो तैराकी करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। कुल मिलाकर, यह कहना गलत होगा कि स्विमिंग से पीरियड्स का फ्लो पूरी तरह रुक जाता है। वास्तव में, पानी का दबाव कुछ समय के लिए रक्तस्राव की गति को कम कर सकता है, लेकिन मासिक धर्म की प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी रहती है।