गर्म पेय पदार्थों का सेवन और कैंसर का खतरा: जानें क्या कहती है रिसर्च
गर्म चाय या कॉफी का सेवन: सावधानी बरतें
कई लोग चाय या कॉफी को बहुत गर्म पीना पसंद करते हैं और जैसे ही कप में डालते हैं, उसे पीने लगते हैं। यदि आपकी आदत भी ऐसी है, तो आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। हाल ही में एक अध्ययन में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि अत्यधिक गर्म पेय पदार्थों का सेवन एसोफेगल कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। इस लेख में हम इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
गर्म पेय पदार्थों का कैंसर से संबंध
हालिया अध्ययन से पता चला है कि जो लोग गर्म चाय या कॉफी का सेवन करते हैं, उनमें एसोफेगल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
रिसर्च में यह भी बताया गया है कि गुनगुनी चाय या कॉफी पीने वालों की तुलना में गर्म पेय का सेवन करने वालों में कैंसर का जोखिम लगभग तीन गुना अधिक होता है।
जब अत्यधिक गर्म पेय पदार्थ हमारे फूड पाइप से होते हुए पेट तक पहुंचते हैं, तो यह रास्ते में मौजूद कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, इस प्रकार के कैंसर का जोखिम आमतौर पर कम होता है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार, इस अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि बार-बार गर्म चाय या कॉफी पीने से एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का खतरा बढ़ सकता है।
यूके में लगभग 10 लाख वयस्कों पर की गई 14 साल की स्टडी में यह पाया गया कि जो लोग गर्म पेय का सेवन करते हैं, उनमें यह जोखिम अधिक होता है।
अत्यधिक गर्म तरल पदार्थों का सेवन एसोफेगस की परत को बार-बार थर्मल नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे समय के साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
सुरक्षित तापमान पर पेय पदार्थों का सेवन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि चाय या कॉफी पीने से पहले उन्हें कुछ मिनटों के लिए ठंडा होने दें।
यदि चाय या कॉफी जीभ या होंठ पर बहुत गर्म लगती है, तो इसका तापमान सुरक्षित सीमा से अधिक हो सकता है।
इसलिए, चाय, कॉफी या किसी भी गर्म पेय को हमेशा गुनगुना ही पीना चाहिए।
