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गले में टॉन्सिल स्टोन: पहचानें और बचाव के उपाय

क्या आप जानते हैं कि गले में भी स्टोन हो सकते हैं? टॉन्सिल स्टोन की समस्या अक्सर अनजान रहती है। यह गले में असहजता, मुंह से दुर्गंध और निगलने में कठिनाई का कारण बन सकती है। जानें इसके लक्षण, कारण और इससे बचने के उपाय।
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गले में टॉन्सिल स्टोन: पहचानें और बचाव के उपाय

टॉन्सिल स्टोन की समस्या


नई दिल्ली। जब भी शरीर में पथरी की चर्चा होती है, तो आमतौर पर किडनी और गॉलब्लैडर का नाम सामने आता है। ये अंग अक्सर स्टोन की समस्या से प्रभावित होते हैं, जिससे तेज दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता भी पड़ सकती है।


क्या आप जानते हैं कि किडनी और गॉलब्लैडर के अलावा आपके गले में भी स्टोन हो सकते हैं? यह जानकारी अधिकांश लोगों के लिए नई हो सकती है। यदि आपको लंबे समय से मुंह से दुर्गंध, गले में कुछ फंसा होने का एहसास या असहजता महसूस हो रही है, तो संभव है कि आपको गले में टॉन्सिल स्टोन की समस्या हो। यह आमतौर पर दर्दनाक नहीं होता, लेकिन गले में हमेशा कुछ फंसा होने का एहसास बना रहता है।


टॉन्सिल स्टोन क्या हैं?

टॉन्सिल गले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में योगदान करते हैं। ये बाहरी कीटाणुओं को रोकने का कार्य करते हैं। जब टॉन्सिल की सतह पर गंदगी जमा होती है, तो यह समय के साथ कठोर होकर सफेद या पीले रंग के पत्थरों में बदल जाती है, जिन्हें टॉन्सिल स्टोन या टॉन्सिलोलिथ्स कहा जाता है। ये आमतौर पर हानिकारक नहीं होते, लेकिन मुंह से दुर्गंध, निगलने में कठिनाई और बार-बार संक्रमण जैसी समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं।


समस्या के कारण

दिल्ली के एक निजी अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. प्रभाकर मिश्रा के अनुसार, टॉन्सिल की सतह पर छोटे गड्ढे होते हैं। जब इन गड्ढों में भोजन के कण, मृत कोशिकाएं और बैक्टीरिया जमा होते हैं, तो ये धीरे-धीरे कठोर होकर स्टोन का रूप ले लेते हैं। जिन लोगों के टॉन्सिल में गहरे गड्ढे होते हैं, उनमें यह समस्या अधिक होती है।


टॉन्सिल स्टोन के लक्षण

डॉक्टरों का कहना है कि मुंह से दुर्गंध आना टॉन्सिल स्टोन का एक प्रमुख लक्षण हो सकता है। ये स्टोन गले के पिछले हिस्से में सफेद या पीले रंग के दिखाई दे सकते हैं। बैक्टीरिया द्वारा उत्पन्न सल्फर यौगिकों के कारण दुर्गंध होती है। इसके अलावा, निगलने में दर्द, गले में चुभन और बार-बार खांसी भी हो सकती है।


बचाव के उपाय

टॉन्सिल स्टोन से बचने के लिए मौखिक स्वच्छता का ध्यान रखना आवश्यक है। दिन में दो बार ब्रश करना, जीभ की सफाई करना और गुनगुने पानी से गरारे करना फायदेमंद हो सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि मुंह का सूखापन बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है। धूम्रपान और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित करने से भी संक्रमण का खतरा कम होता है। बार-बार टॉन्सिलाइटिस से पीड़ित लोगों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।