घर पर बनाएं शुद्ध माखन: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए आसान विधि
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी
नई दिल्ली: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के पकवान और भोग तैयार किए जा रहे हैं। भगवान कृष्ण की पूजा में माखन-मिश्री का विशेष महत्व होता है। हालांकि, बाजार में मिलने वाले प्रोसेस्ड मक्खन में मिलावट की संभावना होती है और इसका स्वाद भी प्राकृतिक नहीं होता। यदि आप इस बार अपने प्यारे कन्हैया को ताजा और शुद्ध मक्खन अर्पित करना चाहती हैं, तो चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। आप दही की मदद से कुछ ही मिनटों में घर पर शुद्ध सफेद माखन बना सकती हैं।
दही का चयन और प्रारंभिक तैयारी
घर पर उत्तम और पर्याप्त मात्रा में मक्खन निकालने के लिए सही दही का चयन करना आवश्यक है। इसके लिए फुल फैट मिल्क (मलाई वाले दूध) से बनी दही का उपयोग करें। यदि दही दो से तीन दिन पुरानी और थोड़ी खट्टी हो, तो इससे मक्खन जल्दी और आसानी से अलग हो जाता है। यदि आपके पास घर में दही नहीं है, तो आप बाजार से भी खरीद सकती हैं।
मिक्सी या ब्लेंडर से मक्खन निकालने की विधि
दही को एक बड़े बर्तन में डालें। यदि आपके पास हैंड ब्लेंडर है, तो इसमें ठंडा बर्फ का पानी डालकर ब्लेंड करें। यदि आप मिक्सी का उपयोग कर रही हैं, तो दही को बड़े जार में डालें। जार का बड़ा आकार दही को घूमने में मदद करता है।
अब इसमें बर्फ के टुकड़े और ठंडा पानी डालकर मिक्सी चलाएं। ध्यान रखें कि मिक्सी को लगातार न चलाएं, बल्कि रुक-रुक कर चलाएं और बीच-बीच में थोड़ा-थोड़ा बर्फ का पानी मिलाते रहें। ठंडा पानी दही से मक्खन को तेजी से अलग करने में मदद करता है।
हाथों से मक्खन अलग करने की विशेष ट्रिक
लगभग 10 से 15 मिनट तक फेंटने के बाद मक्खन सतह पर तैरता हुआ दिखाई देने लगेगा और मट्ठा या पानी अलग हो जाएगा। जब मक्खन पूरी तरह ऊपर आ जाए, तो इसे चम्मच से निकालने के बजाय अपनी साफ उंगलियों से धीरे-धीरे इकट्ठा करें। हाथों से यह आसानी से एक गोले का आकार ले लेता है। इकट्ठा करने के बाद इसे एक बार ठंडे पानी से धो लें, ताकि दही की अतिरिक्त खटास निकल जाए।
कान्हा के लिए माखन-मिश्री का भोग तैयार
इस प्रकार तैयार सफेद माखन को एक कटोरी में निकालकर थोड़ी देर के लिए फ्रिज में रख दें, जिससे यह थोड़ा कड़क और व्यवस्थित हो जाए। अब आपका पारंपरिक बिलौना स्टाइल शुद्ध घर का बना माखन तैयार है। इसमें थोड़ी सी मिश्री, कटी हुई इलायची और तुलसी का पत्ता मिलाकर अपने बाल गोपाल को प्रेमपूर्वक भोग लगाएं। यह सात्विक प्रसाद न केवल भगवान कृष्ण को प्रिय है, बल्कि पूरे परिवार के लिए भी सेहतमंद और पौष्टिक है।
