जीएलपी-1 दवाएं: कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक
स्तन कैंसर का खतरा 35% तक कम
जीएलपी-1 दवाएं कैंसर के जोखिम को कम कर सकती हैं
वाशिंगटन। हाल के शोध में यह सामने आया है कि जीएलपी-1 दवाएं, जो वजन घटाने और मधुमेह के उपचार में उपयोग होती हैं, कुछ प्रकार के कैंसर से सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं।
अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी की एक बैठक में 24 से अधिक अध्ययनों के निष्कर्ष साझा किए गए, जिनसे पता चला कि जीएलपी-1 दवाओं का सेवन करने वाले मरीजों में कैंसर का खतरा उन लोगों की तुलना में कम था, जो इनका उपयोग नहीं कर रहे थे।
मरीजों की सुरक्षा में योगदान
हालांकि, इन अध्ययनों में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि जीएलपी-1 दवाएं कैंसर के उपचार पर किस प्रकार प्रभाव डालती हैं। एक शोधकर्ता का मानना है कि ये दवाएं सूजन को कम करके, इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करके और ट्यूमर पर सीधे प्रभाव डालकर मरीजों की सुरक्षा में मदद कर सकती हैं।
कैंसर के विभिन्न प्रकारों से सुरक्षा
यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया की डॉ. एलिजाबेथ सुसैन मैकडोनाल्ड ने बताया कि क्रोनिक इन्फ्लेमेशन कई प्रकार के कैंसर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक अध्ययन में, 11,000 महिलाओं पर किए गए शोध में पाया गया कि जीएलपी-1 दवाओं का सेवन करने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा 35% कम था। इसी तरह, 12,000 मरीजों पर किए गए एक अन्य अध्ययन में फेफड़ों, स्तन, कोलेरेक्टल और लिवर कैंसर के कम जोखिम का संबंध भी पाया गया।
