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जेल में कैदियों के अधिकार: क्या वे अपनी पसंद का खाना मांग सकते हैं?

क्या जेल में कैदियों को अपनी पसंद का खाना मांगने का अधिकार है? शाहरुख पठान और मैथ्यू एरॉन वैनडाइक के मामलों के माध्यम से जानें कि भारत के जेल मैनुअल में कैदियों के अधिकार और खानपान की व्यवस्था क्या है। इस लेख में हम देखेंगे कि जेल में कैदियों को क्या सुविधाएं मिलती हैं और उनके खानपान के नियम क्या हैं।
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कैदियों के अधिकार और जेल में खानपान

क्या आप शाहरुख पठान के बारे में जानते हैं? शाहरुख, जो 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान एक पुलिसकर्मी पर पिस्तौल तानते हुए और भीड़ में गोली चलाते हुए देखा गया था, वर्तमान में तिहाड़ जेल में सजा काट रहा है। उसने जेल में हर दिन चार कच्चे अंडे और एक टेलीविज़न की मांग की है। अदालत ने उसकी इस मांग को स्वीकार कर लिया है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। इसी तरह, तिहाड़ जेल में बंद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक ने भारतीय खाने की चर्बी और मसालेदार होने का हवाला देते हुए चिकन, पास्ता, सोया दूध और अन्य चीज़ों की मांग की है। यह सवाल उठता है कि क्या जेल में कैदियों को अपने पसंदीदा भोजन या विलासिता की चीज़ें मांगने का अधिकार है? शाहरुख और मैथ्यू के मामले केवल उदाहरण हैं। जब भी कोई हाई-प्रोफाइल अपराधी या VIP नेता जेल में भेजा जाता है, तो मीडिया और जनता के बीच एक सामान्य चर्चा होती है: वे जेल में क्या खाएंगे? क्या उन्हें घर का बना खाना मिलेगा? क्या हम अपनी पसंदीदा चीज़ें ऑर्डर कर सकते हैं? आइए देखते हैं कि भारत का जेल मैनुअल और अन्य देशों के कानून इस पर क्या कहते हैं।


मैथ्यू एरॉन वैनडाइक
भारत में जेलें केवल सजा देने का स्थान नहीं हैं, बल्कि ये कैदियों के सुधार और पुनर्वास के केंद्र भी हैं। भारत में जेलें राज्य के अधीन आती हैं, इसलिए हर राज्य का अपना जेल मैनुअल होता है। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के लिए एक समान नियम बनाने के लिए “मॉडल जेल मैनुअल 2016” तैयार किया है। इसके अंतर्गत, कैदियों को कुछ बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। आइए इस पर एक नज़र डालते हैं।


रहने की जगह: प्रत्येक कैदी को एक बैरक या सेल दी जाती है जिसमें पर्याप्त जगह, हवा और सफाई होनी चाहिए।


कपड़े और बिस्तर: कैदियों को मौसम के अनुसार कपड़े प्रदान किए जाते हैं, जैसे कि कंबल, गर्म कपड़े और सर्दियों में सोने के लिए चटाई या खाट।


मेडिकल सुविधाएं: हर जेल में एक चिकित्सा अधिकारी और एक अस्पताल होता है। कैदियों का जेल में प्रवेश करते समय स्वास्थ्य जांच की जाती है।


बाहरी दुनिया से संपर्क: कैदियों को अपने परिवार और वकीलों से निर्धारित समय पर मिलने और फोन कॉल करने का अधिकार होता है।


जेल का खाना: कैलोरी और मेन्यू की गणना अलग-अलग होती है। जेल की गाइडलाइंस के अनुसार, खाना न्यूट्रिशन साइंस के आधार पर तय किया जाता है, न कि कैदी की पसंद के अनुसार। गाइडलाइंस के अनुसार, जो कैदी मेहनत करता है, उसे हर दिन लगभग 2,300 से 2,800 कैलोरी का खाना दिया जाता है। जो कैदी मेहनत नहीं करता, उसे हर दिन लगभग 2,000 से 2,200 कैलोरी मिलती है।


नॉर्मल मेन्यू: इसमें सुबह की चाय, बिस्किट और छोले, और दोपहर और रात के खाने में दाल, मौसमी सब्ज़ियाँ, चावल और रोटी शामिल हैं। त्योहारों या रविवार को खीर या पूरी जैसा विशेष भोजन भी दिया जाता है।