डायबिटीज प्रबंधन के लिए आयुर्वेदिक सुझाव
डायबिटीज के रोगियों के लिए आयुर्वेदिक उपायों का पालन करना महत्वपूर्ण है। इस लेख में, हम जानते हैं कि कैसे सही आहार और जीवनशैली से इस बीमारी का प्रबंधन किया जा सकता है। जानें दही, मिश्रित आटे की रोटियों और त्रिफला चूर्ण के फायदों के बारे में। इसके अलावा, खाने के बाद पानी न पीने और कुछ विशेष फलों के सेवन के सुझाव भी दिए गए हैं।
| Oct 4, 2026, 13:32 IST
डायबिटीज और आहार
(हेल्थ कार्नर) :- आयुर्वेद के अनुसार, जिन व्यक्तियों की भूख सामान्य से अधिक होती है, जो व्यायाम से दूर रहते हैं और नियमित स्नान नहीं करते, उन्हें डायबिटीज का खतरा हो सकता है।
नए अनाज जैसे बाजरा, मक्का, दालें और चावल शरीर के तरल प्रवाह में बाधा डाल सकते हैं। इसलिए, डायबिटीज के रोगियों को एक साल पुराना अनाज खाना चाहिए। आयुर्वेद की चरक संहिता के अनुसार, ऐसे लोग जो अधिक खाते हैं, व्यायाम नहीं करते और स्नान नहीं करते, उन्हें इस बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।
दही का सेवन –
नए अनाज के समान, दही भी डायबिटीज के रोगियों के लिए भारी माना जाता है। इसलिए, इसका उपयोग करने से पहले इसमें से मक्खन निकाल लेना चाहिए।
खाने के बाद पानी न पिएं –
