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दिल की सेहत के लिए सही जांच का महत्व: जानें क्या करें

भारत में स्वास्थ्य जांच के प्रति लोगों की सोच में तेजी से बदलाव आ रहा है। अब लोग अपनी सेहत के बारे में पहले से जानने और संभावित खतरों की पहचान के लिए जांच करवा रहे हैं। रेडक्लिफ लैब्स के आंकड़ों के अनुसार, दिल की सेहत के लिए सही जांच का महत्व बढ़ गया है। इस लेख में जानें कि कैसे सही जांच से हृदय रोग के जोखिमों की पहचान की जा सकती है और क्या कदम उठाने चाहिए।
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दिल की सेहत के लिए जांच का नया नजरिया


नई दिल्ली: भारत में स्वास्थ्य जांच के प्रति लोगों की सोच में तेजी से बदलाव आ रहा है। अब यह केवल बीमारी के लक्षणों के प्रकट होने तक सीमित नहीं है। लोग अपनी सेहत के बारे में पहले से जानने और संभावित खतरों की पहचान के लिए जांच करवा रहे हैं। रेडक्लिफ लैब्स में होने वाली लगभग 66% जांचें प्रिवेंटिव यानी बचाव के उद्देश्य से की जाती हैं।


दिल की सेहत के लिए सही जांच का महत्व

जब दिल की सेहत की बात आती है, तो एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है: क्या हम केवल अधिक जांच करवा रहे हैं, या उन खतरों की पहचान के लिए सही जांच भी करवा रहे हैं जो हृदय रोग का कारण बन सकते हैं?


सबसे आम चेकअप्स:


रेडक्लिफ लैब्स के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक कराए जाने वाले चेकअप्स में सीबीसी, लिपिड प्रोफाइल, किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी), लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) और एचबीए1सी शामिल हैं। ये जांचें शरीर की सामान्य स्थिति और कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों की जानकारी देती हैं। हालांकि, सामान्य हेल्थ चेकअप से दिल की बीमारी के जोखिम की पूरी तस्वीर हमेशा स्पष्ट नहीं होती।


हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारक

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, उच्च रक्तचाप, रक्त में ग्लूकोज और वसा का बढ़ा स्तर, और मोटापा हृदय संबंधी बीमारियों के प्रमुख जोखिम कारक हैं। इसके अलावा, असंतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि की कमी और तंबाकू का सेवन भी महत्वपूर्ण जोखिम बढ़ाते हैं। इनमें से कई जोखिम ऐसे हैं जो गंभीर घटनाओं से पहले ही शरीर में मौजूद हो सकते हैं, भले ही उस समय कोई स्पष्ट लक्षण न दिखाई दें।


छह महीने के आंकड़ों का विश्लेषण

रेडक्लिफ लैब्स द्वारा 2.4 लाख से अधिक लोगों के छह महीने के आंकड़ों का विश्लेषण इस स्थिति को और स्पष्ट करता है। इस विश्लेषण में हर 2 में से 1 व्यक्ति में कोलेस्ट्रॉल, LDL, HDL, ट्राइग्लिसराइड्स, hs-CRP, NT-proBNP और hs-Troponin I जैसे हृदय स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख संकेतकों में असामान्य परिणाम पाए गए। 26 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में 48% के परिणाम असामान्य पाए गए, जबकि 40 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में यह आंकड़ा लगभग 52% रहा।


सिर्फ कोलेस्ट्रॉल सामान्य होना ही पर्याप्त नहीं

रेडक्लिफ लैब्स की डायरेक्टर, डॉ. सोनल सक्सेना ने कहा कि कोलेस्ट्रॉल की सामान्य रिपोर्ट का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति के दिल से जुड़े सभी जोखिम समाप्त हो गए हैं। हृदय स्वास्थ्य कई कारकों पर निर्भर करता है। जिन लोगों में हृदय रोग से जुड़े जोखिम हैं, उनके लिए सामान्य लिपिड प्रोफाइल से आगे जाकर कुछ अन्य संकेतकों को देखना उपयोगी हो सकता है।


रिपोर्ट का महत्व और कार्रवाई की आवश्यकता

रेडक्लिफ लैब्स के फाउंडर एवं सीईओ, आदित्य कंडोई ने कहा कि स्वास्थ्य जोखिमों की पहचान करना ही चुनौती नहीं है, बल्कि लोगों को उन पर कार्रवाई करने में मदद करना भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ, हमने हर जांच के साथ 4X Value की शुरुआत की है। हमारा मानना है कि डायग्नोस्टिक जांच का काम केवल एक रिपोर्ट देना नहीं होना चाहिए। लोगों को यह समझना चाहिए कि रिपोर्ट में सामने आए परिणाम उनके स्वास्थ्य के लिए क्या मायने रखते हैं और उन्हें आगे क्या कदम उठाना चाहिए।