दिवाली के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें: विशेषज्ञ की सलाह
दिवाली का त्योहार और स्वास्थ्य पर प्रभाव
दिवाली का त्योहार आज धूमधाम से मनाया जा रहा है, जिसमें घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं और पटाखे जलाए जाते हैं। हालांकि, पटाखों के जलाने से दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में गिरावट आती है, जो स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। पटाखों से निकलने वाले धुएं में PM 2.5 और PM10 जैसे हानिकारक कण होते हैं, जो फेफड़ों और हृदय के लिए खतरनाक हैं।
फेफड़ों के मरीजों के लिए सावधानियाँ
हृदय और फेफड़ों की समस्याओं से ग्रसित व्यक्तियों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इस विषय पर हमने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के रेस्पिरेट्री मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर निखिल मोदी से चर्चा की।
फफेड़ों के मरीज कैसे रखें अपना ख्याल?
दिवाली के दौरान पटाखों में कई हानिकारक गैसें होती हैं, जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, और सल्फर डाइऑक्साइड। ये गैसें आपकी सांसों में पहुंचकर खांसी, गले में खिचखिच, और सांस लेने में कठिनाई का कारण बन सकती हैं। पटाखों के धुएं का स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। - डॉक्टर निखिल मोदी
इन बातों का रखें ध्यान
- जिन्हें सांस लेने में कठिनाई है, उन्हें अपनी दवाइयाँ लेना नहीं भूलना चाहिए।
- ऐसे लोग घर से बाहर न निकलें।
- यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो N-95 मास्क पहनें, जो 90% हानिकारक गैसों को फिल्टर करता है।
- अपनी डाइट में पर्याप्त पानी शामिल करें ताकि म्यूकस मोटा न हो।
दिवाली के पटाखों का दिल पर प्रभाव
डॉक्टर निखिल ने बताया कि पटाखों का सीधा असर हृदय पर नहीं होता, लेकिन वायु प्रदूषण के सूक्ष्म कण फेफड़ों में पहुंचकर रक्त प्रवाह में मिल जाते हैं। हृदय रोगियों पर इसका तत्काल प्रभाव नहीं दिखता, लेकिन भविष्य में यह हानिकारक हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि तेज धमाके वाले पटाखों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि ये ध्वनि प्रदूषण का कारण बनते हैं। तेज आवाज सुनने से शरीर में तनाव उत्पन्न होता है, जो हृदय की धड़कन को बढ़ा सकता है।
मिठाइयों से परहेज
दिवाली पर मिठाइयों और तली-भुनी चीजों से बचना चाहिए, क्योंकि ये कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकती हैं। इसके बजाय, फल, सब्जियाँ, और नारियल पानी का सेवन करें। एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें।
