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देर रात जागने के स्वास्थ्य पर प्रभाव: नई शोध से खुलासा

हाल के शोध में देर रात जागने की आदत के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का खुलासा हुआ है। यह अध्ययन बताता है कि देर रात तक जागने वाले लोग उच्च ऊर्जा और वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जिससे उनके शरीर में गंभीर परिवर्तन होते हैं। विशेष रूप से महिलाओं में सुबह कम प्रोटीन और ऊर्जा वाला भोजन लेने की प्रवृत्ति देखी गई है। जानें इस अध्ययन के अन्य महत्वपूर्ण निष्कर्ष और अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उपाय।
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देर रात जागने की आदत का बढ़ता चलन

आजकल के युवाओं में रात भर जागना एक सामान्य आदत बन गई है। हालांकि, यह माना जाता है कि देर रात तक जागना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। हाल ही में एक अध्ययन ने इस आदत को लेकर चेतावनी दी है।


शोध का सारांश

हाल ही में 'फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन' जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में यह बताया गया है कि जो लोग देर रात जागते हैं और इस दौरान उच्च ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट और वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, उनके शरीर में गंभीर परिवर्तन होते हैं।


स्वास्थ्य समस्याएं

- शरीर में वसा का प्रतिशत बढ़ना


- पेट की चर्बी में वृद्धि


- रक्त शर्करा का स्तर बढ़ना


- लिपिड स्तर में वृद्धि


समय का महत्व

यह अध्ययन ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ, स्पोर्ट एंड सोशल वर्क की शोधकर्ता रोजेन क्रूगर द्वारा किया गया था। उन्होंने बताया कि हमारे शरीर की जैविक घड़ी हमारे खाने की आदतों, व्यवहार और मेटाबॉलिज्म पर गहरा प्रभाव डालती है।


अध्ययन में यह भी पाया गया कि सुबह जल्दी उठने वाले और देर रात तक जागने वाले लोग दिनभर लगभग समान मात्रा में भोजन करते हैं, लेकिन उनके खाने का समय महत्वपूर्ण है। सही समय पर भोजन न करना असली समस्या है।


महिलाओं पर विशेष अध्ययन

इस अध्ययन में 18 से 45 वर्ष की आयु की 287 महिलाओं को शामिल किया गया। इस दौरान उनके खान-पान की आदतों का गहराई से अध्ययन किया गया, जिसमें कई चौंकाने वाले पैटर्न सामने आए।


सुबह का आहार

जो महिलाएं देर रात तक जागती हैं, उनमें सुबह कम ऊर्जा और प्रोटीन वाला भोजन लेने की प्रवृत्ति अधिक देखी गई है।


रात का अनहेल्दी खान-पान

सुबह के कम खाने की भरपाई के लिए महिलाएं रात में अधिक मात्रा में खाद्य पदार्थों का सेवन करती हैं, जिसमें उच्च ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट और वसा शामिल होते हैं।


पोषण की कमी

जो महिलाएं शाम और रात के समय अधिक सक्रिय रहती हैं, वे उन महिलाओं की तुलना में कम माइक्रोन्यूट्रिएंट और कम ऊर्जा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करती हैं, जो सुबह या दिन के समय सक्रिय रहती हैं।