नाखूनों की स्थिति से जानें स्वास्थ्य समस्याएं
नाखूनों का स्वास्थ्य और संकेत
हम अक्सर नाखूनों को केवल उनकी सुंदरता और सफाई से जोड़ते हैं। लेकिन, नाखूनों की बनावट, रंग और मोटाई से शरीर में चल रही समस्याओं का पता लगाया जा सकता है। असामान्य नाखूनों में बदलाव कभी-कभी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नाखूनों के माध्यम से फेफड़ों, आयरन की कमी, दिल की बीमारियों और थायरॉइड से संबंधित समस्याओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मेलानोमा का संकेत
नाखूनों के नीचे अचानक दिखाई देने वाली भूरी या काली रेखाएं मेलानोमा, जो एक गंभीर प्रकार का स्किन कैंसर है, का संकेत हो सकती हैं। यदि नाखूनों में कोई असामान्य परिवर्तन दिखाई देता है, तो तुरंत सतर्क रहना चाहिए।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नाखूनों का रंग पीला हो, तो यह नाखून संक्रमण का संकेत हो सकता है। यदि नाखून पीले होने के साथ-साथ टूट रहे हैं या मोटे हो रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना आवश्यक है। केवल नाखूनों के रंग के आधार पर किसी बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
लिवर और डायबिटीज के संकेत
नाखूनों की स्थिति शरीर की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में संकेत दे सकती है। सफेद नाखून लिवर की बीमारी या डायबिटीज का संकेत हो सकते हैं। बहुत फीके नाखून एनीमिया या खून की कमी के कारण हो सकते हैं। यदि नाखूनों का रंग लंबे समय तक बदलता है और इसके साथ थकान या कमजोरी जैसे लक्षण हैं, तो जांच कराना जरूरी है।
भुरभुरे नाखून
नाखूनों का सूखा, मोटा या भुरभुरा होना कई कारणों से हो सकता है। थायरॉइड की बीमारी में नाखूनों की मजबूती और मोटाई में बदलाव आ सकता है। गहरी रेखाएं, जिन्हें ब्यू की लाइंस कहा जाता है, तब बनती हैं जब नाखून का बढ़ना रुक जाता है या धीमा हो जाता है।
काली रेखाएं और स्वास्थ्य
नाखूनों के नीचे भूरी या काली रेखाएं कई सामान्य कारणों से हो सकती हैं, लेकिन दुर्लभ मामलों में ये मेलानोमा का संकेत भी हो सकती हैं। यदि आपके नाखूनों पर ऐसी रेखाएं हैं या उनका रंग और आकार बदल रहा है, तो स्किन विशेषज्ञ से जांच कराना चाहिए। हर काली रेखा कैंसर का संकेत नहीं होती, लेकिन समय पर ध्यान देने से गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है।
