पीरियड्स के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के महत्वपूर्ण टिप्स
पीरियड्स के प्रति जागरूकता और स्वच्छता
हाल के वर्षों में, पीरियड्स के विषय में जागरूकता में वृद्धि हुई है। लोग अब इस विषय पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव है। लेकिन क्या केवल जागरूकता ही पर्याप्त है? पीरियड्स के दौरान स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि आप स्वच्छता का ध्यान नहीं रखते हैं, तो बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
महिलाओं की जानकारी और सावधानियाँ
Everteen Menstrual Hygiene Survey 2025 के अनुसार, भारत में 71.6% महिलाएं पीरियड्स से संबंधित जानकारी ऑनलाइन प्राप्त करती हैं, जबकि केवल 11.5% महिलाएं ही आपात स्थिति में ऑनलाइन मिली जानकारी पर भरोसा करती हैं। महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को सामान्य मानें। लेकिन, स्वच्छता की कमी से संक्रमण, यूरिन इंफेक्शन, और त्वचा पर रैशेज जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। इसलिए, कुछ सामान्य गलतियों से बचना आवश्यक है।
पीरियड्स में न करें ये गलतियाँ
- एक ही पैड का लंबे समय तक उपयोग करना।
- कुछ महिलाएं आज भी गीले और गंदे कपड़ों का उपयोग करती हैं।
- अधिक मात्रा में स्टैंड स्प्रे, क्रीम और एंटीसेप्टिक का उपयोग करना। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि प्राइवेट पार्ट में पाउडर लगाने से ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
- अधिक वेजाइनल डिस्चार्ज होने पर खुजली, जलन, रैशेज और बदबू की समस्या को नजरअंदाज करना।
- अधिक दर्द और ब्लीडिंग होने पर दवा न लेना।
- बिना जांच के किसी भी दर्द की दवा लेना।
पीरियड्स के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें
- साफ और सुरक्षित उत्पादों का उपयोग करें।
- हर 4 से 6 घंटे में अपने आवश्यकता अनुसार पैड बदलें।
- प्राइवेट पार्ट को पानी से साफ करें।
- उत्पादों के बदलने से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोना न भूलें।
- पीरियड्स के दौरान साफ कपड़े पहनें।
- पर्याप्त पानी पिएं, पौष्टिक आहार लें और आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
