प्रोटीन पाउडर का उपयोग: क्या आपका शरीर इसके लिए तैयार है?
प्रोटीन पाउडर का महत्व
आजकल, फिट रहने के लिए प्रोटीन पाउडर का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। विशेष रूप से शाकाहारी लोगों के लिए, केवल सामान्य आहार से पर्याप्त प्रोटीन प्राप्त करना कठिन हो सकता है। इसलिए, वे प्रोटीन पाउडर का सहारा लेते हैं। डाइटिशियन श्वेता ने सोशल मीडिया पर बताया कि प्रोटीन पाउडर का सेवन करना केवल पानी में पाउडर मिलाकर पीने जितना सरल नहीं है। प्रोटीन का सेवन शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि शरीर इसके लिए तैयार है या नहीं। पेट, किडनी और लिवर की स्थिति यह निर्धारित करती है कि प्रोटीन पाउडर का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। कई लोग प्रोटीन पाउडर लेना शुरू करने के बाद समस्याओं पर ध्यान देते हैं, लेकिन इसे शुरू करने से पहले शरीर की जांच कराना आवश्यक है।
पेट की स्थिति
डाइटिशियन श्वेता के अनुसार, प्रोटीन पाउडर का सेवन शुरू करने से पहले पेट की स्थिति का मूल्यांकन करना चाहिए। यह जानना महत्वपूर्ण है कि क्या वर्तमान आहार को शरीर बिना किसी समस्या के पचा पा रहा है। यदि भोजन के बाद कब्ज, गैस, एसिडिटी या पेट फूलने जैसी कोई समस्या नहीं होती है, तो इसका मतलब है कि पेट स्वस्थ है। केवल तभी प्रोटीन पाउडर लेने पर विचार करना चाहिए।
किडनी की सेहत
जब शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ती है, तो किडनी पर इसे साफ करने का बोझ बढ़ जाता है। इसलिए, किडनी को इस बढ़ते बोझ को संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार होना चाहिए। यदि किसी को पहले किडनी में पथरी या कमजोरी की समस्या रही है, तो उन्हें बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। जिन लोगों ने लंबे समय से अपनी किडनी की जांच नहीं करवाई है, उन्हें प्रोटीन पाउडर का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेकर किडनी टेस्ट करवाना चाहिए।
लिवर की स्थिति
लिवर शरीर में प्रोटीन को पचाने का कार्य करता है। यदि लिवर ठीक से कार्य नहीं कर रहा है या लिवर की जांच में कोई समस्या है, तो प्रोटीन पाउडर का सेवन करना हानिकारक हो सकता है। लिवर की समस्याओं को ठीक किए बिना अचानक से अधिक प्रोटीन का सेवन करने से लिवर पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए, लिवर की सेहत को समझे बिना प्रोटीन पाउडर का उपयोग नहीं करना चाहिए।
पानी की मात्रा
प्रोटीन पाउडर का सेवन करते समय शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। जब शरीर प्रोटीन को पचाता है, तो पानी की आवश्यकता बढ़ जाती है। हर ग्राम प्रोटीन के पचने के बाद जो अपशिष्ट बनता है, उसे बाहर निकालने के लिए किडनी को अधिक पानी की आवश्यकता होती है। यदि प्रोटीन का सेवन बढ़ा दिया जाता है लेकिन पानी की मात्रा नहीं बढ़ाई जाती, तो इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे किडनी पर दबाव बढ़ने के साथ-साथ कब्ज की समस्या भी बढ़ सकती है। इसलिए, डाइटिशियन ने प्रोटीन पाउडर लेने वालों को प्रतिदिन कम से कम तीन लीटर पानी पीने की सलाह दी है।
