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बीपी की रीडिंग सही करने के लिए कफ लगाने का सही तरीका

ब्लड प्रेशर की समस्या आजकल आम हो गई है, और घर पर बीपी की रीडिंग लेना एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सही तरीके से कफ लगाना कितना महत्वपूर्ण है? डॉ. कीर्ति शर्मा ने इंस्टाग्राम पर कफ लगाने के सही तरीके के बारे में जानकारी साझा की है। जानें कि कफ को कैसे सही तरीके से लगाया जाए ताकि आपकी बीपी रीडिंग सटीक हो। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कफ का सेंटर हार्ट लेवल पर होना चाहिए, आर्टरी एरो का सही स्थान क्या है, और अन्य महत्वपूर्ण बातें जो आपको ध्यान में रखनी चाहिए।
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बीपी की रीडिंग में सुधार के लिए सही कफ लगाने की विधि


नई दिल्ली। आजकल ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) की समस्या आम हो गई है। ऐसे में लोग अक्सर घर पर बीपी की मशीन रखते हैं और नियमित रूप से जांच करते हैं। लेकिन क्या आपकी घर पर की गई बीपी रीडिंग सही होती है?


यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई लोग सही तरीके से बीपी की जांच नहीं कर पाते। अक्सर कफ (Cuff) लगाने में गलतियाँ होती हैं। यदि कफ को गलत तरीके से लगाया जाए, तो रीडिंग वास्तविक ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) से भिन्न हो सकती है। तो सही तरीका क्या है और सामान्यतः गलती कहाँ होती है? डॉ. कीर्ति शर्मा (Dr. Kirti Sharma) ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से कफ लगाने का सही तरीका साझा किया है, जिसे जानना आवश्यक है यदि आप घर पर बीपी की रीडिंग लेते हैं। आइए जानते हैं।


बीपी चेक करते समय कफ लगाने का सही तरीका क्या है?




 












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कफ का सेंटर हार्ट लेवल पर होना चाहिए


डॉ. कीर्ति का कहना है कि जब आप बीपी चेक करने के लिए कफ पहनते हैं, तो उसका सेंटर हार्ट लेवल पर होना चाहिए। यदि कफ हार्ट लेवल से ऊपर या नीचे है, तो बीपी की रीडिंग में भिन्नता आ सकती है।


आर्टरी एरो का स्थान


कफ पर एक एरो (तीर) का निशान होता है, जिसे आर्टरी एरो कहा जाता है। डॉक्टर का कहना है कि कफ बांधते समय यह सुनिश्चित करें कि आर्टरी एरो बांह के अंदरूनी हिस्से में हो। गलत दिशा में होने से रीडिंग प्रभावित हो सकती है।


कफ का निचला हिस्सा कोहनी से 2 अंगुल ऊपर रखें


डॉ. कीर्ति का कहना है कि कफ की सही स्थिति की जांच करने के लिए, कफ का निचला हिस्सा आपकी कोहनी से लगभग 2 अंगुल (2.5 सेमी) ऊपर होना चाहिए।


मोटे कपड़े पर कफ न लगाएं


बीपी चेक करते समय कफ को मोटे कपड़े पर न पहनें। यदि आप पतले सूती कपड़े पर हैं, तो रीडिंग ली जा सकती है। हालांकि, इसे ऊपर की ओर मोड़कर मोटा न करें, इससे रीडिंग सही नहीं आएगी।


हाथ को ढीला छोड़ें


बीपी चेक करते समय अपने हाथ को ढीला छोड़ना चाहिए। डॉक्टर का कहना है कि कई मरीज हाथों को भींचकर मुट्ठी बना लेते हैं, जो सही नहीं है। हाथ को ढीला छोड़ें और किसी टेबल पर रखकर अपने हार्ट लेवल पर रखें। आपकी बीपी मशीन भी इसी लेवल पर होनी चाहिए। आराम से और शांति से अपना बीपी मॉनिटर करें।


ज्यादा हिलना-डुलना या बातें न करें


डॉ. कीर्ति का कहना है कि बीपी चेक करते समय रिलैक्स होकर बैठें। इस दौरान आपको ज्यादा हिलना-डुलना नहीं चाहिए और न ही बातें करनी चाहिए। जो भी रीडिंग आती है, उसे कहीं नोट कर लें। आपको सिस्टोलिक, डायस्टोलिक, पल्स और अन्य कोई लक्षण जो आप महसूस कर रहे हों, उसे नोट करना है, फिर डॉक्टर से संपर्क करना है।


हमेशा दो या तीन रीडिंग लें


पहली रीडिंग देखकर घबराना नहीं चाहिए, कई बार यह अधिक आ सकती है। डॉ. कीर्ति का कहना है कि आपको दो से तीन रीडिंग नोट करनी चाहिए। तुरंत दूसरी रीडिंग नोट न करें, दो मिनट का ब्रेक लें और फिर दोबारा चेक करें। इनकी औसत आपका सही बीपी होगा।


इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है


बीपी नापने से 30 मिनट पहले आपको चाय, कॉफी या खाना नहीं खाना चाहिए।


एक्सरसाइज या किसी फिजिकल एक्टिविटी के तुरंत बाद बीपी चेक न करें।


पैरों को क्रॉस करके नहीं बैठें।


कफ का सही साइज चुनें और मोटे कपड़े पर कफ न बांधें।


बीपी नापते समय किसी तरह का कोई तनाव न लें।


जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।