भविष्य में चैटजीपीटी का नया रूप: उपयोगकर्ता की अनुमति से काम करने की क्षमता
ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन ने भविष्य में चैटजीपीटी के एक नए सहायक रूप की संभावना का संकेत दिया है, जो उपयोगकर्ता की अनुमति से कंप्यूटर गतिविधियों को समझकर मदद करेगा। यह सहायक बैठकों में भाग ले सकेगा और जानकारी प्रदान करेगा, लेकिन निजता और सुरक्षा की चुनौतियाँ भी सामने आएंगी। जानें इस तकनीक के संभावित लाभ और उपयोगकर्ताओं को मिलने वाले नियंत्रण के बारे में।
| Aug 18, 2026, 23:17 IST
चैटजीपीटी का नया सहायक
ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन ने बताया है कि भविष्य में चैटजीपीटी एक ऐसा सहायक बन सकता है, जो उपयोगकर्ता की अनुमति से उसके कंप्यूटर पर चल रही गतिविधियों, बैठकों और बातचीत को समझकर सहायता प्रदान करेगा।
उपयोगिता का अनुमान
हाल ही में जेड फेलोज के संस्थापक कोरी लेवी के साथ बातचीत में, ऑल्टमैन ने बताया कि यह सहायक लगभग छह महीने में उपयोगी हो सकता है। हालांकि, यह किसी नए उत्पाद की आधिकारिक घोषणा नहीं है और न ही किसी विशेष तारीख की पुष्टि की गई है।
सहायक की कार्यप्रणाली
ऑल्टमैन के अनुसार, यह सहायक उपयोगकर्ता की अनुमति से कंप्यूटर की स्क्रीन देख सकेगा, बैठकों में भाग ले सकेगा और बातचीत को रिकॉर्ड कर सकेगा। इसका उद्देश्य उपयोगकर्ता के निर्णय लेने में मदद करना नहीं, बल्कि आवश्यक जानकारी और संदर्भ प्रदान करना होगा।
उदाहरण के तौर पर
यदि कोई व्यक्ति बिक्री प्रस्ताव तैयार कर रहा है, तो यह सहायक उसके पास मौजूद जानकारियों के आधार पर सुझाव दे सकता है या संभावित गलतियों की ओर ध्यान दिला सकता है। ऑल्टमैन का मानना है कि अगली पीढ़ी के मॉडल के बाद यह प्रणाली काफी लाभकारी हो सकती है।
एआई में प्रगति
यह ध्यान देने योग्य है कि एआई में संदर्भ बनाए रखने की दिशा में पहले से प्रयास किए जा रहे हैं। चैटजीपीटी में स्मृति जैसी सुविधा है, जो पिछले संवादों से जानकारी का उपयोग कर अधिक उपयोगी उत्तर प्रदान करती है। उपयोगकर्ता अपनी स्मृति और सेटिंग्स को नियंत्रित कर सकते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट का प्रयास
माइक्रोसॉफ्ट ने भी स्क्रीन आधारित सहायक पर काम किया है। इसके विंडोज कंप्यूटरों में 'रिकॉल' नामक सुविधा के माध्यम से स्क्रीन गतिविधियों के चित्र सुरक्षित किए जा सकते हैं। यह सुविधा उपयोगकर्ता की सहमति पर आधारित है और इसमें जानकारी को रोकने और हटाने के विकल्प भी शामिल हैं।
निजता और सुरक्षा की चुनौतियाँ
हालांकि, ऐसे सहायक के साथ निजता और सुरक्षा एक बड़ी चुनौती होगी। उपयोगकर्ता को यह स्पष्ट होना चाहिए कि कौन-सी जानकारी देखी जा रही है और उसका उपयोग कैसे किया जा रहा है।
भविष्य की संभावनाएँ
सैम ऑल्टमैन का छह महीने का अनुमान केवल एक संभावित समय है, न कि आधिकारिक घोषणा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ओपनएआई भविष्य में इस तकनीक को कैसे पेश करता है और उपयोगकर्ताओं को अपनी जानकारी पर कितना नियंत्रण प्रदान करता है।
