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भारत ने UN में 2030 तक एड्स समाप्त करने का संकल्प दोहराया

भारत ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में 2030 तक एड्स को समाप्त करने के अपने संकल्प को दोहराया। स्थायी प्रतिनिधि पी. हरिश ने बैठक में विकासशील देशों में असमानताओं और फंडिंग की कमी के मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे सस्ते उपचार के लिए आवश्यक प्रावधानों का पूरा उपयोग करें। भारत का एड्स नियंत्रण कार्यक्रम एक मजबूत मॉडल पर आधारित है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को एक साथ लाता है।
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एचआईवी/एड्स पर उच्च-स्तरीय बैठक


22 और 23 जून 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में एचआईवी/एड्स पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर, भारत ने 2030 तक एड्स को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने के अपने वादे को फिर से दोहराया।


भारत का संकल्प

भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरिश ने इस बैठक में कहा कि विकासशील देशों में असमानताओं और फंडिंग की कमी से प्राप्त सफलताओं को खतरा हो सकता है। उन्होंने मौजूदा स्थिति को 'महत्वपूर्ण मोड़' के रूप में वर्णित किया।


एड्स के खिलाफ वैश्विक प्रयास

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि विश्व व्यापार संगठन के ट्रिप्स समझौते के तहत उपलब्ध लचीले प्रावधानों का पूरा उपयोग किया जाए। इन प्रावधानों के माध्यम से कम आय वाले और मध्यम आय वाले देश सस्ते डायग्नोस्टिक्स, एंटीरेट्रोवायरल दवाएं और अन्य आवश्यक दवाएं खरीद या उत्पादन कर सकें।


पी. हरिश ने समान वैश्विक पहुंच पर जोर देते हुए कहा कि ये कानूनी छूटें केवल व्यापार नियम नहीं हैं, बल्कि लाखों लोगों के लिए जीवन रेखा हैं, जो सस्ती उपचार पर निर्भर हैं। भारत लंबे समय से सस्ती जेनेरिक दवाओं का प्रमुख आपूर्तिकर्ता रहा है।


भारत का एड्स नियंत्रण कार्यक्रम

भारत का एड्स नियंत्रण कार्यक्रम एक मजबूत मॉडल पर आधारित है, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य योजना, सामाजिक सुरक्षा और अधिकार-आधारित दृष्टिकोण को एक साथ जोड़ा गया है। एचआईवी सेवाओं को सामान्य स्वास्थ्य व्यवस्था और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के साथ जोड़ा गया है, जिससे अधिक लोगों तक सेवाएं पहुंच रही हैं।


पी. हरिश ने कहा कि अब इन उपलब्धियों को और मजबूत करना और तेज करना होगा ताकि 2030 का लक्ष्य हासिल किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि भारत एड्स को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।